- मेष राशि :- अधिक संघर्षशीलता से बचिये, भोग-ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी, ध्यान दें।
- वृष राशि :- विरोधी तत्व परेशान करें, कुछ शुद्ध गोचर रहने से समय व लाभ अवश्य होगा।
- मिथुन राशि :- कार्य निश्चय ही बनें, समय की अनुकूलता का लाभ लेवें, मानसिक संतोष होगा।
- कर्क राशि :- कुटुम्ब में शुभ समाचार, दैनिक व्यवसाय में अनुकूलता अवश्य ही बन जायेगी।
- सिंह राशि :- सरकारी कार्य निपटा लें, सफलता का संघर्ष निश्चय फलदायी होगा।
- कन्या राशि :- सामाजिक कार्यों में मान-प्रतिष्ठा, नवीन चेतना अवश्य फलप्रद होगी।
- तुला राशि :- विवाद ग्रस्त होने से बचिये अन्यथा संकट में फंस सकते हैं, कार्य पर ध्यान दें।
- वृश्चिक राशि :- समृद्धिवर्धक योग बनेंगे, अधिकारी वर्ग का लाभ मिलेगा, समय का ध्यान रखें।
- धनु राशि :- मनोबल उत्साहवर्धक होगा, समय पर सोचे कार्य बनेंगे, अधिकारी वर्ग समर्थक बनेंगे।
- मकर राशि :- मानसिक शांति बनाये रखें, विरोधी तत्व परेशान करेंगे, मार्ग अवश्य बनेंगे।
- कुंभ राशि :- सफलता के साधन बनें, व्यर्थ भटकने से बचें, समय का ध्यान अवश्य रखें।
- मीन राशि :- प्रत्येक कार्य में बाधा, कार्य में विलम्ब, किसी मित्र से धोखा अवश्य होगा।
2 अप्रैल 2026 राशिफल: किस पर बरसेगी किस्मत, किसे भुगतनी पड़ सकती हैं चुनौतियां
पीएम आवास योजना से बना ग्वालिन के सपनों का आशियाना
रायपुर : जीवन में हर व्यक्ति के मन में एक सपना होता है कि उनका खुद का आशियाना हो, जिसमें वह सुख-चैन से अपना जीवनयापन कर सके। मुंगेली विकासखंड के ग्राम लौदा की निवासी ग्वालिन के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने एक बड़ा बदलाव लाया है। पहले कच्चे घर में रहने के कारण उन्हें हर मौसम में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात में पानी टपकना, गर्मी में असहनीय ताप और सर्दी में ठंड से जूझना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर स्वीकृत हुआ, जिससे उनका वर्षों का सपना साकार हो सका।
योजना के अंतर्गत मिले सहयोग से उन्होंने अपना सुरक्षित और मजबूत घर बना लिया है। अब ग्वालिन और उनका परिवार पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां रहने की चिंता बनी रहती थी, वहीं अब घर की सुरक्षा और स्थायित्व से जीवन में स्थिरता आई है। बच्चों के लिए भी बेहतर माहौल मिला है, जिससे उनका भविष्य संवर रहा है। ग्वालिन ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है।
मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों पर प्रभावी कार्यवाही
भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में वाहन चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु लगातार सख्त एवं सुनियोजित कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी क्रम में विगत एक माह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन चोरों के गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 109 चोरी किए गए दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
जबलपुर
थाना माढोताल पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर एवं वाहन काटने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जबलपुर एवं रायपुर (छत्तीसगढ़) से चोरी किए गए 15 वाहन जप्त किए। इसी प्रकार थाना लाडगंज पुलिस ने 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर 12 वाहन बरामद किए, जबकि थाना पाटन पुलिस द्वारा एक आरोपी को गिरफ्तार कर 7 दोपहिया वाहन जप्त किए गए। इस प्रकार तीनों कार्यवाहियों में पुलिस ने चोरी किए गए 34 दुपहिया वाहन बरामद किए हैं।
राजगढ़
थाना ब्यावरा सिटी पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर 2 आरोपियों से 15 मोटरसाइकिलें जप्त कीं। वहीं थाना सुठालिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार दोनों कार्यवहियों में पुलिस ने चोरी किए गए कुल 25 वाहन बरामद किए हैं।
रतलाम
रतलाम पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इस कार्रवाई में 1 मुख्य आरोपी एवं 3 बाल अपचारियों को पकड़ा।
वहीं थाना स्टेशन रोड पुलिस ने भी 4 मोटरसाइकिलें बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इस प्रकार कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की गई।
अन्य जिलों में भी की गई कार्यवाही
बैतूल जिले में भैंसदेही पुलिस द्वारा अंतर्राज्यीय वाहन चोरो को गिरफ्तार कर 10 मोटरसाइकिलें, खरगोन पुलिस ने 7 मोटरसाइकिल, ग्वालियर जिले में 5 वाहन, गुना जिले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 मोटरसाइकिलें, शिवपुरी जिले में 4,मंदसौर जिले में 3 मोटरसाइकिलें तथा शाजापुर एवं कटनी जिलों में 2-2 मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इन सभी कार्यवाहियों में पुलिस की तत्परता, तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग एवं प्रभावी समन्वय प्रमुख रूप से सामने आया है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी जैसे अपराधों पर नियंत्रण हेतु सतत अभियान जारी है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के विकास के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कदम से कदम मिलाकर चल रही है। प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक "स्कूल चले हम" अभियान चलेगा और बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने पर स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे वर्ष 2025-26 में कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में भी 32.4 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। यह शासकीय स्कूलों पर बढ़ते विश्वास का परिचायक है। राज्य सरकार ने मौजूदा सत्र में स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है, जो देश में सबसे अच्छे स्कूल हैं। मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पीएमस्कूल भी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में महती भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भोपाल में राज्य स्तरीय प्रवशोत्सव कार्यक्रम-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बच्चों को नि:शुल्क साइकिलें और पाठ्य पुस्तकें वितरित कीं एवं उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने साईकिलों की घंटियां बजाकर किया अभिवादन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर विद्यार्थियों ने साइकिल की घंटियां बजाकर और स्काउट गाइड दल ने वाद्य यंत्रों पर सुमधुर धुनों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में शामिल विद्यार्थियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल टिंकलिंग लैब, रोबोटिक लैब, व्यावसायिक शिक्षा और आईसीटी लैब के स्टॉल का अवलोकन किया। इस अवसर पर "स्कूल चले हम" अभियान पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ नि:शुल्क साइकिल प्राप्त करने वाले स्कूली बच्चों का ग्रुप फोटो भी लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया।
बच्चे पढ़-लिखकर बनें डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "स्कूल चले हम" अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के प्रत्येक गांव का एक-एक बच्चा स्कूल में प्रवेश ले रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रदेश में बड़े पैमाने पर शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का आकर्षण बढ़ा है। इनमें ड्रॉप आउट खत्म करने के लिए शिक्षकों के साथ समाज के हर वर्ग ने संकल्प के साथ मेहनत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए नि:शुल्क साइकिलें वितरित की गई हैं। आगामी 3 से 4 महीने तक शासकीय स्कूलों के 4 लाख बच्चों को साइकिलें मिलेंगी। विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क गणवेश, किताबें और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और उद्यमी बनें, उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 76 हजार 325 शिक्षकों की समय पर नियुक्ति की गई।
मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूल टॉपर को मिल रही है स्कूटी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 49 किताबें हिंदी और स्थानीय भाषा में तैयार कर जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों को वितरित की जा रही हैं। प्रदेश में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित जनजातीय कार्य विभाग के 25 हजार 439 विद्यालयों में आज 20 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या अधिक अंक अर्जित करने वाले 94 हजार 306 मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटॉप वितरित किये गए। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट में लैपटॉप के लिए 250 करोड़ रुपए, स्कूटी के लिए 100 करोड़ रूपए और साइकिल वितरण के लिए 210 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बोर्ड परीक्षा के स्कूल टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी की सौगात दी जा रही है।
प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की प्रवेश दर में हुई बढ़ोतरी
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज का दिन स्कूल शिक्षा विभाग के लिए दीवाली जैसा है। हम सभी स्कूली बच्चों का विद्यालयों में स्वागत कर रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की प्रवेश दर में वृद्धि हुई है। अब तक 1 करोड़ बच्चों का नामांकन किया जा चुका है। पहली कक्षा से लेकर हाईस्कूल और हायर सेकेंड्री क्लास तक बच्चों का नामांकन किया जा रहा है। स्कूली विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें और पुस्तकें वितरित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां शासकीय के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती पुस्तकों का लाभ मिल सके। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सशक्त हुई है। विद्यार्थियों के पास अपना भविष्य सुरक्षित करते हुए आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर है।
कार्यक्रम में खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, विधायक भगवान दास सबनानी, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यती, सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त शिल्पा गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षक गण उपस्थित थे।
मायावती लखनऊ से चुनावी शंखनाद करेंगी, BSP के सामने चुनौती का पहाड़
UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को भले ही अभी 1 साल से ज्यादा का समय बचा हुआ है, लेकिन सभी दलों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में नोयडा के दादरी से ही पश्चिम सियासत में हलचल पैदा कर दी है. यहीं से चुनावी अभियान की शुरुआत भी मानी जा रही है. यूपी की सत्ता से कई सालों से दूर रहने वाली मायावती की पार्टी भी अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए रणभूमि में उतरने की कोशिश कर रही हैं. मायावती 14 अप्रैल को लखनऊ से चुनावी हुंकार की शुरुआत करेंगी. विपक्षी दलों के साथ ही सीएम योगी और पीएम मोदी भी तैयारियों में जुट गए हैं. यानी चुनाव के लिए भले ही अभी काफी समय बचा है लेकिन सभी दलों ने यूपी की सियासत में चुनावी रंग घोल दिया है.
इस बार का मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) के लिए काफी अहम रहने वाला है. क्योंकि मायावती अपनी खोई हुई जमीन को वापस लाने के प्रयास में हैं. मायावती इस साल मिशन-2027 के आगाज के लिए अपना प्लान तैयार कर लिया है. आने वाले 14 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित होने वाला है. यहां पर लाखों की तादात में लोगों के जुटने की उम्मीद है. मायावती यहीं से अपनी सियासी ताकत का एहसास भी कराना चाहती हैं.
14 अप्रैल को लखनऊ से मिशन-2027 का आगाज
मायावती का रिकॉर्ड रहा है कि वे हर साल विधानसभा चुनाव से करीब 1 साल पहले चुनावी तैयारियों में जुट जाती हैं. ऐसे में 14 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम को मिशन-2027 का आगाज माना जा रहा है. यूपी की सियासत में मायावती की सक्रियता कम होने का सभी पार्टियों ने खूब फायदा उठाया. इसको देखते हुए मायावती ने अपने खिसकते वोटरों को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. अगर मायावती अपने कोर वोटरों को साधने में सफल नहीं हुईं, तो उनके लिए काफी नुकसान होगा. हालांकि, मायावती के वोटरों पर भाजपा, कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी तक की निगाहें टिकी हुई हैं.
अकेले चुनाव लड़ेंगी मायावती
हालांकि मायावती ने साफ किया है कि वे किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगी. यानी वे आने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेंगी. मायावती का सबसे ज्यादा फोकस पश्चिमी यूपी है. उनका मानना है कि अगर इन इलाकों में दलित और मुसलमान के वोटों पर अगर कांग्रेस और सपा में से किसी ने सेंध लगा दिया, तो बसपा के लिए काफी बड़ा झटका होगा. क्योंकि काफी समय से सपा और कांग्रेस ने मुसलमानों और दलितों पर अपना विशेष फोकस रखा है. दोनों पार्टियों की रैलियों में भी जय भीम के नारे लगाते सुनाई देते हैं. फिलहाल, यूपी की सियासत में अखिलेश यादव के चुनावी बिगुल बजते ही मायावती भी एक्टिव हो गई हैं. अब देखना यह होगा कि आखिर अब मायावती अपनी साख बचाने के लिए क्या रणनीति अपनाती हैं.
हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
रायपुर : महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम बिराजपाली में आज हर घर जल की उपलब्धता ग्रामीणजनों के जीवन में खुशियां लेकर आई है। ग्रामीणजन बताते है कि जहां कभी ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप या दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब हर घर जल योजना अंतर्गत हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है। ग्राम बिराजपाली में 21 फरवरी 2026 को हर घर जल का सफल प्रमाणीकरण किया गया।
योजना के अंतर्गत ग्राम के कुल 182 घरों को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है, जिससे प्रत्येक परिवार को घर पर ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जल आपूर्ति के सुचारू संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम जल समिति का गठन किया गया है, जो प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर के रूप में संग्रह कर योजना की स्थिरता एवं निरंतरता सुनिश्चित कर रही है।
ग्राम में जलापूर्ति के लिए 94.27 लाख रुपये की लागत से 40 किलोलीटर क्षमता की ओवरहेड टंकी का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही लगभग 2270 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके माध्यम से सभी घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम में 13 हैंडपंप एवं 3 पावर पंप भी उपलब्ध हैं, जो जल स्रोतों को सुदृढ़ बनाते हैं। इस उपलब्धि में ग्राम के सरपंच एतराम साहू एवं सचिव श्रीमती पुष्पलता चौहान की भूमिका रही। उनके नेतृत्व, सतत प्रयासों तथा ग्रामवासियों के सहयोग से यह कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सका।
इस योजना से लाभान्वित हितग्राही श्याम बाई बताती हैं कि अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। यह सुविधा उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है।
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं। इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था।
बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई। 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति ‘पोषण ट्रैकर’ में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया।
उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है। इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को ‘मेस प्रभारी’ बनाने का सुझाव दिया गया। साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं, वहां जल्द सुधार करना जरूरी है। बैठक में आयोग के सदस्य राजेंद्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित सृजन अभियान के अंतर्गत सामुदायिक पुलिस सुरक्षा योजना के तहत कमजोर वर्ग की बस्तियों के किशोरों एवं युवाओं को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं जन सुरक्षा व्यवस्थाओं से परिचित कराने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
इसी क्रम में दिनांक 31 मार्च 2026 को निवसीद बचपन संस्था द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से बाबा नगर भोपाल स्थित बचपन संस्था के बच्चों एवं युवाओं के लिए डायल-112 का भ्रमणकराया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को एकीकृत आपातकालीन सेवा प्रणाली की जानकारी देना एवं विभिन्न आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बच्चों को सरल एवं सहज भाषा में बताया कि अब अलग-अलग परिस्थितियों के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों—108 (स्वास्थ्य), 101 (अग्निशमन), 1930 (साइबर क्राइम), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) एवं 139 (रेलवे सहायता)पर कॉल करने के स्थान पर केवल डायल-112 के माध्यम से किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। इस एकीकृत प्रणाली की उपयोगिता एवं प्रभावशीलता को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया, जिससे बच्चों में जागरूकता एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 112 पर प्राप्त प्रत्येक कॉल के आधार पर तत्काल एक इवेंट तैयार किया जाता है, जिसमें घटना का प्रकार, स्थान एवं आवश्यक सहायता का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके पश्चात संबंधित पुलिस वाहन, एम्बुलेंस या फायर यूनिट को तुरंत मौके से जोड़ा जाता है, जिससे समयबद्ध एवं प्रभावी सहायता सुनिश्चित होती है। बच्चों ने इस प्रक्रिया को बड़े उत्साह एवं रुचि के साथ समझा।
बच्चों को कंट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्हें लाइव कॉल हैंडलिंग, तकनीकी उपकरणों का संचालन, लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम, इवेंट मैनेजमेंट एवं वाहन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए तथा उन्हें यह भी बताया गया कि आपातकालीन सेवाओं का दुरुपयोग एवं झूठी सूचना देने के गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने एवं समाज के कमजोर वर्गों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसान कल्याण वर्ष 2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के विचार को सार्थक करते हुए किसान हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टरों को मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के टोल प्लाजा पर शुल्क संग्रहण से छूट रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसल कटाई में प्रयुक्त होने वाला कंबाइन हार्वेस्टर आवश्यक कृषि उपकरण है। टोल मार्गों पर टोल छूट दिए जाने से हार्वेस्टर की परिवहन लागत में कमी आएगी। जिसका सकारात्मक प्रभाव कृषि उपज के मूल्य पर होगा, यह निर्णय कृषकों के लिए हितकर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई संचालक मंडल की बैठक में इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के नॉन एक्सेस कंट्रोल परियोजना के रूप में निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया। संचालक मंडल ने पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को अनुमोदन प्रदान कर निर्माण की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की। बैठक में वार्षिक लेखों तथा अन्य प्रबंधकीय विषयों पर विचार-विमर्श हुआ तथा निर्णय लिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन संदीप यादव तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम भरत यादव उपस्थित थे।
बिहार का अगला CM कौन? मनोज तिवारी ने बताया सस्पेंस कब होगा खत्म
Bihar Politics मनोज तिवारी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सब कुछ सामान्य है और 10 अप्रैल तक राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कर लिया जाएगा। वहीं, नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वे 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।मंगलवार देर रात मनोज तिवारी औरंगाबाद से लौटते हुए रोहतास जिले के डेहरी पहुंचे, जहां एनडीए कार्यकर्ताओं ने उन्हें पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के चलते वे अभी नए मुख्यमंत्री का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल तक इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। नीतीश का बदल जायेगा पता! बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और अब वे 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास भी छोड़ने की तैयारी में हैं। इसी बीच चर्चा है कि पद छोड़ने पर उनका आवासीय पता भी बदल जाएगा। नीतीश कुमार 1 अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास छोड़कर 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट होंगे। मंगलवार को उन्होंने अपने संभावित नए आवास का निरीक्षण भी किया। सूत्रों के अनुसार, इस आवास से नीतीश कुमार का भावनात्मक जुड़ाव भी है। वे अक्सर सुबह यहां आते रहे हैं और परिसर में लगे बोधि वृक्ष को नमन करते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद वे दोबारा 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होना चाहते हैं। नीतीश का ‘लकी’ आवास 7 सर्कुलर रोड 7 सर्कुलर रोड का आवास राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है। 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान नीतीश कुमार इसी आवास में रह रहे थे। उस समय उन्होंने महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और बाद में गठबंधन के सहयोग से बिहार में सरकार बनाई। उस जीत के बाद उनकी राजनीतिक वापसी को भी इसी आवास से जोड़ा जाता है, जिससे इस पते का उनके लिए खास महत्व माना जाता है। कौन बनेगा अगला मुख्यमंत्री? बिहार में नीतीश कुमार के बाद अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर बीजेपी के भीतर मंथन जारी है। एनडीए सूत्रों के अनुसार, अगला मुख्यमंत्री ऐसा होगा जो नीतीश कुमार की पसंद का हो। र्टी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी अपनी परंपरा के अनुसार इस बार भी किसी नए चेहरे पर दांव लगा सकती है। हालांकि, संभावित नामों में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और दीघा विधायक संजीव चौरसिया के नामों पर चर्चा हो रही है।

