सफाई कर्मचारियों के विरोध से बढ़ी परेशानी, शहर की व्यवस्था पर मंडराया संकट
अलवर। शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर संकट के दौर से गुजरती नजर आ रही है। शनिवार सुबह नगर निगम के अंबेडकर नगर स्थित डंपिंग यार्ड पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और हेल्पर एकत्रित होकर हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों ने ठेकेदार पर मनमानी, कम वेतन देने और श्रमिकों के साथ उचित व्यवहार नहीं करने के आरोप लगाए हैं। इसके विरोध में उन्होंने काम बंद कर दिया।
हड़ताल का सबसे अधिक असर घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था पर पड़ा। ऑटो टिपर वाहनों के नहीं चलने के कारण शहर के कई इलाकों से कचरा नहीं उठ सका, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यदि यह हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय पर उचित वेतन नहीं दिया जाता और ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कराता है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जब वे अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखते हैं तो अधिकारी उन्हें ठेकेदार के पास भेज देते हैं, जबकि ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल देता है। इस वजह से उनकी समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी बनी हुई हैं।
वहीं, ठेकेदार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है। ठेकेदार का कहना है कि किसी एक कर्मचारी को हटाए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उनका दावा है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जा रहा है और उनकी अन्य मांगों पर भी विचार किया जा रहा है।
इस बीच नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर समाधान निकालेगा, ताकि सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके। यदि जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो शहर में कचरे के ढेर लगने की आशंका बढ़ सकती है।
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