लालड़ू: महान संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की छह सौ पचासवीं जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष और ऐतिहासिक कलश यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए पंजाब की पावन धरती पर पहुंची है। इस यात्रा को लेकर स्थानीय लोगों और संगठन के कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा जा रहा है।
भव्य अगवानी के साथ पवित्र माटी को सिर पर रखकर किया गया नमन
पंजाब पहुंचे इस पवित्र कलश का स्थानीय पार्टी नेतृत्व और गणमान्य नागरिकों द्वारा अत्यंत गर्मजोशी और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान नेताओं ने गुरु जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र माटी से भरे कलश को अपने शीश पर धारण कर अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया।
समतामूलक समाज के निर्माण और सरकार की योजनाओं का उल्लेख
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि महान संतों द्वारा सदियों पहले दिखाए गए समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलकर ही समाज का कल्याण संभव है। देश के सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे लोक कल्याणकारी अभियानों को इन महान विचारों से प्रेरित बताया गया।
धार्मिक स्थलों के विकास और ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना
संबोधन के दौरान देश भर में संत महात्माओं के सम्मान में किए गए विभिन्न विकास कार्यों और ऐतिहासिक पहलों का विशेष रूप से जिक्र किया गया। इसमें प्रमुख तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ परिवहन और अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों को संतों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया।
अभियान को जन आंदोलन बनाकर जन-जन तक संदेश पहुंचाने की अपील
स्थानीय संगठन के प्रमुख ने सभी पदाधिकारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि इस विशेष सांस्कृतिक और सामाजिक अभियान को एक व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जाए। समाज में आपसी सौहार्द और एकता को मजबूत करना ही इस महान यात्रा का मुख्य उद्देश्य बताया गया है जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


