शहीद सम्मान पर उठे सवाल, कारगिल श्रद्धांजलि के बाद देखरेख नहीं होने से लोगों में नाराजगी
अलवर। कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद स्मारक पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाज के लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की थी, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्मारक की देखरेख को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। श्रद्धांजलि के दौरान चढ़ाई गई मालाएं और पुष्प अब मुरझा चुके हैं, लेकिन उन्हें हटाने या स्मारक की साफ-सफाई कराने की दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
यह शहीद स्मारक सैनिक विश्राम गृह एवं सैनिक कल्याण विभाग के अधीन आता है। इसके बावजूद श्रद्धांजलि स्थल की ऐसी स्थिति लोगों में नाराजगी का कारण बन रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गौरी शंकर ने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक देश की राष्ट्रीय अस्मिता और वीर जवानों के बलिदान का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थल पर मुरझाए फूलों का पड़े रहना संबंधित विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहीदों के सम्मान स्थल की गरिमा बनाए रखना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद भी स्मारक की नियमित साफ-सफाई और रखरखाव होना चाहिए, ताकि वीर जवानों के प्रति सम्मान की भावना हमेशा बनी रहे।
अब लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या शहीदों को श्रद्धांजलि केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक ही सीमित रहेगी या फिर प्रशासन स्मारक की गरिमा बनाए रखने के लिए ठोस कदम भी उठाएगा।
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