More
    Homeदुनियासीमा पर पाकिस्तान का नया कदम, 250 चीनी तोपों की तैनाती से...

    सीमा पर पाकिस्तान का नया कदम, 250 चीनी तोपों की तैनाती से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    रावल्पिंडी। मई 2025 में भारत द्वारा अंजाम दिए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता को धार देने के लिए भारत से सटी पूरी पूर्वी सीमा पर व्यापक तोपखाना किलाबंदी शुरू कर दी है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना भारत सीमा के उत्तरी इलाकों से लेकर दक्षिणी क्षेत्रों तक चीन निर्मित 250 एसएच-15 ट्रक-माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोपों की तैनाती कर रही है। भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में स्थित आतंकी अड्डों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद, अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के इरादे से पाकिस्तान द्वारा उठाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है।

    पूर्वी सीमा पर चीन निर्मित उन्नत तोपों का बड़ा जमावड़ा

    सीमा पर इतनी विशाल संख्या में एसएच-15 तोपों की तैनाती एक बेहद गंभीर सामरिक घटनाक्रम है, क्योंकि 250 तोपों की यह खेप कई पूरी आर्टिलरी रेजीमेंटों को एक साथ लैस करने के लिए काफी है। इससे साफ जाहिर होता है कि पाकिस्तान किसी एक विशेष सेक्टर के बजाय पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर अपनी तोपखाना ताकत बढ़ा रहा है। 155 मिमी क्षमता वाली यह स्वचलित तोप चीन की पीसीएल-181 तोप का निर्यात संस्करण है, जिसके लिए पाकिस्तान ने वर्ष 2019 में 236 यूनिट्स का समझौता किया था। 6×6 बख्तरबंद ऑल-टेरेन ट्रक पर फिट यह आर्टिलरी सिस्टम दुर्गम से दुर्गम इलाकों में भी तेजी से मुस्तैद होने में सक्षम है।

    एसएच-15 होवित्जर की तकनीकी क्षमताएं और 'शूट एंड स्कूट' तकनीक

    तकनीकी दृष्टिकोण से इस तोप प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत इसकी 'शूट एंड स्कूट' क्षमता है, जिसके तहत यह तोप गोला दागने के तुरंत बाद भारतीय सेना की जवाबी काउंटर-बैटरी फायर से बचने के लिए अपनी जगह बदल लेती है। यह प्रणाली पारंपरिक गोला-बारूद के साथ 30 से 40 किलोमीटर तथा रॉकेट-असिस्टेड शेल्स की मदद से 53 से 72 किलोमीटर की दूरी तक सटीक हमला कर सकती है। इसके अलावा, यह तोप प्रति मिनट 6 राउंड यानी महज 10 सेकंड में एक गोला दागने की क्षमता रखती है और सड़कों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।

    भारतीय रक्षा तंत्र मजबूत, सीमा पर सैन्य संतुलन पर असर नहीं

    पाकिस्तानी सेना की इस भारी तैनाती के बावजूद रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सीमा पर मौजूद रणनीतिक और सैन्य संतुलन में कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं आएगा। भारतीय थल सेना के पास पहले से ही के-9 वज्र (K9 Vajra), एम-777 (M777) अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, स्वदेशी धनुष तोप और बेहद आधुनिक काउंटर-बैटरी रडार तंत्र मौजूद हैं। भारत की यह बहुस्तरीय आर्टिलरी और रडार प्रणाली दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का तत्काल और मुंहतोड़ जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here