नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की 'गलत' आर्थिक और रोजगार नीतियों के कारण देश का जॉब मार्केट गंभीर संकट में फंस गया है। विपक्षी दल ने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं को सिर्फ रील्स बनाकर खुश नहीं किया जा सकता, उन्हें वास्तविक नौकरियों की जरूरत है। कांग्रेस ने दावा किया कि युवाओं के सामने खड़े इस बड़े रोजगार संकट का समाधान खोजने के बजाय केंद्र सरकार केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने और ध्यान भटकाने की राजनीति में व्यस्त है।
जयराम रमेश का केंद्र पर निशाना
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को घेरा। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश की प्रमुख सूचीबद्ध और बड़ी घरेलू कंपनियों में नई भर्तियों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु साझा करते हुए जयराम रमेश ने कहा:
भर्तियों में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स-30 (Sensex-30) इंडेक्स में शामिल 11 बड़ी कंपनियों में से 9 कंपनियों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नई नौकरियों में वर्ष 2023-24 की तुलना में 27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
अर्थव्यवस्था को नुकसान: जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि "हम जो बात लगातार कह रहे हैं, वह अब सच साबित हो रही है। मोदी सरकार की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है और इसका खामियाजा देश का युवा भुगत रहा है।"
समस्या से इनकार: उन्होंने कहा कि देश में नौकरियों का गंभीर संकट होने के बावजूद सरकार अहंकार में इस समस्या के अस्तित्व से ही इनकार कर रही है।
MSME क्षेत्र की बदहाली पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि बड़ी और शीर्ष कंपनियों के आंकड़े तो महज एक झलक हैं। इससे आसानी से समझा जा सकता है कि देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की हालत कितनी चिंताजनक होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की 'हम दो, हमारे दो' की पक्षपातपूर्ण नीतियों के कारण छोटे और मझोले उद्योगों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि यही क्षेत्र देश में सबसे अधिक रोजगार पैदा करता है।


