पटना| बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर राज्य की सरकार पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों, एक सरकारी अधिकारी की सनसनीखेज हत्या और हालिया बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। तेजस्वी ने मांग की कि डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक सोनू सिंह के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
'विधायक को बचाने में जुटा है पूरा प्रशासनिक तंत्र'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि आरोपी विधायक को बचाने के लिए शासन और पुलिस प्रशासन का पूरा तंत्र काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस सरकार में अपराध बेलगाम हो चुका है, और महज 100 दिनों के भीतर राज्य में यह दूसरे किसी अधिकारी की हत्या का मामला सामने आया है।
तेजस्वी ने सवाल उठाया कि आखिर बिना किसी एफएसएल (FSL) जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही आईजी ने जल्दबाजी में केवल ड्राइवर को ही हत्यारा कैसे घोषित कर दिया? जबकि मृतक के परिजनों का साफ तौर पर आरोप है कि इस वारदात में विधायक सोनू सिंह और अन्य लोग भी संलिप्त हैं।
रंगदारी के आरोपों की जांच से क्यों कतरा रही है पुलिस?
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से विधायक सोनू सिंह पर रंगदारी मांगने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, लेकिन पुलिस इस अहम एंगल की जांच क्यों नहीं कर रही है? पुलिस की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत हरसंभव पहलू की गहनता से जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने मृतक के शरीर पर मौजूद जख्मों का हवाला देते हुए कहा कि चोट के निशान साफ यह बयां कर रहे हैं कि इसमें किसी एक व्यक्ति की भूमिका नहीं थी। इसके अलावा, मुख्य गबन या आरोपी बताए जा रहे ड्राइवर ने भी कई बार अपने बयान बदले हैं।
ड्राइवर के बयानों और पुलिसिया थ्योरी पर खड़े किए सवाल
ड्राइवर के बयानों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि पुलिस का यह तर्क अद्भुत है कि काम के अत्यधिक दबाव के कारण चालक ने अधिकारी की हत्या कर दी। यदि यही तर्क सही मान लिया जाए कि काम के दबाव या छुट्टी न मिलने पर ड्राइवर किसी की भी हत्या कर सकता है, तो कल को वह मुख्यमंत्री या किसी राजनेता की भी हत्या कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की लीपापोती इसलिए की जा रही है क्योंकि संबंधित आईजी के विधायक सोनू सिंह के साथ पुराने और करीबी संबंध रहे हैं और वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में एक साथ नजर आ चुके हैं।


