More
    Homeबिजनेस'बेस्ट अंडर-ए बिलियन' सूची में भारत दूसरे स्थान पर, 7 कंपनियों ने...

    ‘बेस्ट अंडर-ए बिलियन’ सूची में भारत दूसरे स्थान पर, 7 कंपनियों ने बनाई जगह

    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच एशिया-प्रशांत क्षेत्र की छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों ने बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया है। फोर्ब्स एशिया द्वारा जारी की गई प्रतिष्ठित 'बेस्ट अंडर ए बिलियन' सूची के 25वें संस्करण में इस बार भी एशियाई कंपनियों का दबदबा देखने को मिला है। इस सूची में 28 कंपनियों के साथ चीन पहले स्थान पर बना हुआ है, जबकि भारत 27 कंपनियों के साथ पूरे क्षेत्र में दूसरे स्थान पर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराने में सफल रहा है।

    तकनीक, एआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों का रहा बोलबाला

    एक करोड़ डॉलर से एक अरब डॉलर के बीच बिक्री वाली सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध इन 200 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों ने कड़े वित्तीय मापदंडों पर खुद को साबित किया है। सूची में उन व्यवसायों का विशेष रूप से दबदबा देखा गया है जो तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य और वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्रांति के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। सॉफ्टवेयर कंपनियों के अलावा सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक घटकों के आपूर्तिकर्ता, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को विशेष उपकरण प्रदान करने वाली फर्में कुल सूची का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा हैं।

    ताइवान और जापान को पछाड़कर भारत बना हुआ है दूसरे स्थान पर

    फोर्ब्स की इस वैश्विक सूची में भारत की 27 कंपनियों ने अपनी जगह बनाई है, जो चीन के बाद सबसे अधिक है। हालांकि वर्ष 2024 और 2023 में भारत की 30-30 कंपनियां इस सूची में शामिल थीं, जिसके मुकाबले इस बार संख्या में हल्की कमी आई है, लेकिन भारत का दूसरा स्थान बरकरार है। सूची में जापान और ताइवान की 22-22 कंपनियों ने जगह बनाई है, जबकि मलेशिया की 19 फर्में शामिल हुई हैं। वहीं पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड जैसे देशों की पांच से भी कम कंपनियां इस बार सूची में स्थान पा सकी हैं।

    भारतीय कॉरपोरेट जगत की इन प्रमुख कंपनियों का हुआ चयन

    इस वर्ष जारी सूची में भारत की ओर से कई उभरते और मजबूत कॉरपोरेट ब्रांड्स शामिल हुए हैं। इनमें अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशंस, आजाद इंजीनियरिंग, बीएसई, सीसीएल प्रोडक्ट्स, आइनॉक्स इंडिया, ग्रेविटा इंडिया, बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज, बैंको प्रोडक्ट्स, सेइन्सिस टेक, ई-क्लर्कस सर्विसेज, एचबीएल इंजीनियरिंग, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज, मनोरमा इंडस्ट्रीज, नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया, एनजीएल फाइन केम और एक्यूटास केमिकल्स जैसी प्रमुख भारतीय फर्में शामिल हैं।

    19 हजार कंपनियों के कड़े वित्तीय मूल्यांकन के बाद हुआ चयन

    फोर्ब्स एशिया की यह प्रतिष्ठित सूची संपूर्ण एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 19,000 से अधिक सूचीबद्ध कंपनियों के गहन विश्लेषण के बाद तैयार की जाती है। चयन का आधार केवल वार्षिक राजस्व नहीं होता, बल्कि कंपनियों पर कुल कर्ज, उत्पादों की बिक्री, प्रति शेयर आय की तीन वर्षीय वृद्धि और पांच वर्षों के औसतन रिटर्न ऑन इक्विटी जैसे कड़े वित्तीय मानकों को देखा जाता है। पूर्व में इन्फोसिस, विप्रो और बायोकॉन जैसी दिग्गज कंपनियां भी इस सूची का हिस्सा रह चुकी हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि इस बार चयनित भारतीय फर्में आने वाले समय में देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here