नौगांवा के चर्चित हमले में अदालत का निर्णय, तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया
नौगांवा। वर्ष 2018 के चर्चित जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, अलवर (एडीजे क्रमांक-2) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। करीब आठ वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
विशिष्ट लोक अभियोजक महेश मीणा ने बताया कि मामला नौगांवा थाना क्षेत्र के पाटा गांव का है। वर्ष 2018 में परिवादी बलविंदर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता गुरनाम सिंह और माता कृपाण कौर सुबह दुकान खोल रहे थे। उसी दौरान जसवंत सिंह, उसका भाई बेअंत सिंह और बेटा हरपाल सिंह वहां पहुंचे और शिकायत करने की रंजिश को लेकर विवाद शुरू कर दिया।
लाठी-फरसी से हमला, गोली लगने से गंभीर घायल
अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने लाठी और फरसी से हमला किया। इसी दौरान जसवंत सिंह ने गुरनाम सिंह के सिर पर बंदूक से गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी अवैध शराब के कारोबार से जुड़े थे और इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद नौगांवा थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
आठ साल बाद आया फैसला
लंबी सुनवाई के बाद एडीजे क्रमांक-2 ने जसवंत सिंह, बेअंत सिंह और हरपाल सिंह को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार, दोषी जसवंत सिंह नौगांवा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।
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