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    पूर्व क्रिकेटरों के लिए BCCI की खास व्यवस्था, संन्यास के बाद भी मिलती है आर्थिक सुरक्षा

    भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और भरोसेमंद बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे द्वारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की पेंशन योजना एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है। रहाणे ने अपने शानदार करियर के दौरान भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसके चलते वे बीसीसीआई की सबसे ऊंची पेंशन श्रेणी के दायरे में आते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि बोर्ड की यह पेंशन योजना कैसे काम करती है, इसके नियम क्या हैं और किस श्रेणी के पूर्व खिलाड़ी को कितनी आर्थिक मदद मिलती है।

    बीसीसीआई के वेलफेयर फ्रेमवर्क की प्रमुख विशेषताएं

    • वैश्विक स्तर पर अनूठी पहल: बीसीसीआई दुनिया के उन गिने-चुने और आर्थिक रूप से सबसे मजबूत क्रिकेट बोर्डों में शामिल है, जो अपने सेवानिवृत्त पूर्व खिलाड़ियों के लिए स्वतंत्र रूप से मासिक पेंशन योजना का संचालन करता है। इस मामले में यह बोर्ड क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) जैसे अन्य बड़े बोर्डों से काफी अलग और बेहतर माना जाता है।

    • सक्रिय खिलाड़ी का नियम: यह पेंशन योजना पूरी तरह से संन्यास ले चुके क्रिकेटरों के लिए बनाई गई है। यदि कोई खिलाड़ी अपने संन्यास के फैसले को वापस लेकर दोबारा पेशेवर क्रिकेट में वापसी करता है, तो उसकी पेंशन का भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है। हालांकि, खेल से पूर्ण रूप से दोबारा संन्यास लेने के बाद नियमों के तहत पेंशन को फिर से शुरू किया जा सकता है।

    • चिकित्सा सहायता (मेडिकल री-इम्बर्समेंट): मासिक पेंशन के अलावा, कम से कम 10 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मैच खेलने वाले सभी रिटायर्ड घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर 10 लाख रुपये तक की मेडिकल री-इम्बर्समेंट सुविधा के पात्र होते हैं।

    • परिवार के लिए वित्तीय सुरक्षा: इस योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी पूर्व खिलाड़ी का निधन हो जाता है, तो उनकी पत्नी के लिए भी आर्थिक सहायता की व्यवस्था रहती है, ताकि परिवार को जीवनयापन में संबल मिल सके।

    अजिंक्य रहाणे को कितनी पेंशन मिलेगी?

    चूंकि अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 25 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, इसलिए बीसीसीआई की संशोधित पेंशन व्यवस्था (जो 1 जून 2022 से लागू है) के नियमों के अनुसार, 25 या उससे अधिक टेस्ट खेलने वाले पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों को प्रति माह 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। इस आधार पर रहाणे भी इसी शीर्ष श्रेणी के तहत लाभ पाने के पात्र होंगे।

    बीसीसीआई की पेंशन योजना में कितनी श्रेणियां हैं?

    वर्तमान में बीसीसीआई की इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत कुल पांच प्रमुख मासिक श्रेणियां निर्धारित की गई हैं:

    • 70,000 रुपये प्रति माह: ऐसे पूर्व भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हों।

    • 60,000 रुपये प्रति माह: ऐसे पूर्व भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने 25 से कम टेस्ट मैच खेले हों।

    • 52,500 रुपये प्रति माह: पूर्व भारतीय महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स।

    • 45,000 रुपये प्रति माह: वर्ष 2003 से पहले संन्यास लेने वाले पात्र प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) क्रिकेटर।

    • 30,000 रुपये प्रति माह: अन्य सभी पात्र पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर।

    घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलकर संन्यास लेने वालों के लिए क्या नियम हैं?

    यह योजना केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाने वाले प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके तहत 2003 से पहले संन्यास लेने वाले पात्र खिलाड़ियों को 45,000 रुपये और अन्य पात्र पूर्व प्रथम श्रेणी खिलाड़ियों को 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट की सेवा करने वाले खिलाड़ियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है।

    क्या पेंशन का भुगतान हमेशा निरंतर जारी रहता है?

    सामान्य परिस्थितियों में पेंशन नियमित रूप से मिलती रहती है। हालांकि, यदि कोई लाभार्थी पूर्व खिलाड़ी बीसीसीआई या किसी राज्य क्रिकेट संघ (State Association) के अंतर्गत कोच, चयनकर्ता या प्रशासक जैसे किसी वेतनभोगी पद को स्वीकार करता है, तो उस अवधि के दौरान पेंशन का भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है। उस पद से हटने के बाद नियमानुसार पेंशन दोबारा बहाल कर दी जाती है।

    कब और कैसे शुरू हुई थी बीसीसीआई की यह पेंशन योजना?

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने पूर्व खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह योजना वर्ष 2004 में शुरू की थी। शुरुआत में इसके तहत लगभग 174 पूर्व खिलाड़ियों और अंपायरों/अधिकारियों को 5,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती थी। समय के साथ इसके दायरे को व्यापक बनाया गया और पेंशन राशि में कई बार बढ़ोतरी की गई। इसमें सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण संशोधन 1 जून 2022 को लागू हुआ, जिसके बाद वर्तमान की ये पांच श्रेणियां अस्तित्व में आईं।

    क्या सिर्फ वनडे और टी20 खेलकर रिटायर होने वाले खिलाड़ियों को भी मिलता है लाभ?

    हां, लेकिन केवल सीमित ओवरों (वनडे या टी20) के अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने मात्र से सीधे पेंशन नहीं मिलती। यदि किसी पुरुष खिलाड़ी ने टेस्ट मैच नहीं खेला है, तो उसे बीसीसीआई की पेंशन योजना का पात्र बनने के लिए कम से कम 25 प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) मैच खेलना अनिवार्य होता है। यानी ऐसे मामलों में पात्रता सफेद गेंद के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बजाय घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट के आधार पर तय की जाती है।

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