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    आरटीआई में बीएड कॉलेजों के रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उठे सवाल, PTET-2026 काउंसलिंग रोकने की मांग

    राज्यपाल को भेजे पत्र में RRBMU के संबद्ध बीएड कॉलेजों के स्टाफ अनुमोदन, निरीक्षण व संबद्धता रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की मांग

    अलवर। राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर से संबद्ध बीएड कॉलेजों के स्टाफ अनुमोदन, संबद्धता, निरीक्षण और अन्य वैधानिक अभिलेखों को लेकर सवाल उठाते हुए राज्यपाल को शिकायत भेजी गई है। ग्राम नांगल खोड़िया, बहरोड़ निवासी डॉ. योगेश्वर सिंह यादव ने राज्यपाल को भेजे पत्र में विश्वविद्यालय के आरटीआई जवाब की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक PTET-2026 काउंसलिंग में विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों को विद्यार्थियों का आवंटन रोकने की मांग की है।

    आरटीआई के जवाब में दी गई जानकारी पर आपत्ति

    पत्र के अनुसार डॉ. यादव ने 1 जुलाई 2026 को ऑनलाइन आरटीआई आवेदन संख्या 112760567236481 के माध्यम से विश्वविद्यालय से बीएड कॉलेजों के स्टाफ अनुमोदन, संबद्धता, निरीक्षण एवं अन्य वैधानिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी थी। विश्वविद्यालय ने पत्र क्रमांक 258 दिनांक 1 अगस्त 2026 के माध्यम से जवाब दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विश्वविद्यालय की ओर से ‘कार्यालय अभिलेख में सूचना उपलब्ध नहीं है’, ‘सूचना स्पष्ट नहीं है’ अथवा ‘NCTE की वेबसाइट देखें’ जैसे जवाब दिए गए।

    संबद्धता और प्रवेश प्रक्रिया पर उठाए सवाल

    शिकायत में सवाल उठाया गया है कि यदि विश्वविद्यालय के पास संबद्ध बीएड कॉलेजों के अनुमोदित स्टाफ का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो इन कॉलेजों को संबद्धता किस आधार पर दी गई। इसी तरह अनुमोदित शिक्षकों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में PTET-2026 काउंसलिंग के माध्यम से इन कॉलेजों को विद्यार्थियों का आवंटन किस आधार पर किया जा रहा है, इस पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। पत्र में यह भी पूछा गया है कि क्या NCTE के निर्धारित मानकों के अनुरूप योग्य एवं अनुमोदित शिक्षकों की उपलब्धता का सत्यापन किए बिना प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

    रिकॉर्ड नहीं होने पर जवाबदेही तय करने की मांग

    पत्र में राज्यपाल से यह सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया है कि विश्वविद्यालय प्रत्येक मांगी गई सूचना के संबंध में स्पष्ट बताए कि रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं। यदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो उसका कारण और यदि रिकॉर्ड किसी अन्य कार्यालय या प्राधिकरण के पास है तो उसका स्पष्ट विवरण दिया जाए। साथ ही रिकॉर्ड के संधारण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है।

    सभी संबद्ध बीएड कॉलेजों के रिकॉर्ड का विशेष ऑडिट

    शिकायतकर्ता ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी बीएड कॉलेजों के स्टाफ अनुमोदन, नियुक्ति अभिलेख, निरीक्षण रिपोर्ट, संबद्धता आदेश और अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक PTET-2026 काउंसलिंग में विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों को विद्यार्थियों का आवंटन स्थगित करने का अनुरोध किया गया है। जिन कॉलेजों के पास अनुमोदित स्टाफ या आवश्यक वैधानिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उनकी संबद्धता और प्रवेश प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी पत्र में शामिल है।

    विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता का हवाला

    पत्र में कहा गया है कि शिकायत का उद्देश्य किसी संस्था को अनावश्यक रूप से प्रभावित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रवेश प्रक्रिया में वही बीएड कॉलेज शामिल हों जो NCTE, विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के निर्धारित वैधानिक मानकों का पालन करते हों। शिकायतकर्ता ने विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता और उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की बात कही है।

    राज्यपाल, कुलपति और NCTE को भेजी प्रतिलिपि

     

    पत्र की प्रतिलिपि राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति, राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के कुलपति, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE), नई दिल्ली तथा NCTE की पश्चिमी क्षेत्रीय समिति को भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने आरटीआई आवेदन में मांगी गई सूचनाएं एवं प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय को निर्देशित करने की मांग भी की है।

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