More
    Homeराज्यमहाराष्ट्ररांची छात्र आंदोलन के समर्थन में उद्धव ठाकरे, बोले- ‘अगर जरूरत पड़ी...

    रांची छात्र आंदोलन के समर्थन में उद्धव ठाकरे, बोले- ‘अगर जरूरत पड़ी तो मैं…’

    मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और युवा वर्ग के प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने दावा किया कि आज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि कैसे देश की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी ने अपनी एकजुटता से सत्ता को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने मौजूदा माहौल को बड़े तूफान से पहले की शांत हवा करार दिया है।

    युवाओं के आंदोलन और झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर समर्थन

    रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ भी गंभीर अन्याय हुआ है और सरकार को उनकी जायज मांगों को सुनना ही चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे खुद भी छात्रों के समर्थन में झारखंड जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री में युवाओं के सवालों का सामना करने की हिम्मत नहीं बची है और वे उनसे दूरी बनाए हुए हैं।

    सोशल मीडिया और सरकार चलाने के तौर-तरीकों पर तंज

    पूर्व मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब वे मुख्यमंत्री पद पर थे, तब विरोधी उन पर फेसबुक के जरिए सरकार चलाने का आरोप लगाते थे, लेकिन आज वही लोग इंस्टाग्राम के माध्यम से हुकूमत चला रहे हैं। उन्होंने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना छोड़कर 'शाह सेना' बनाने वाले लोग प्रधानमंत्री से मुलाकात कर रहे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री समय दे देते हैं, लेकिन देश का भविष्य तय करने वाले युवाओं से मिलने के लिए उनके पास वक्त नहीं है।

    शिवसेना मामले की पेंडिंग सुनवाई और न्यायालय पर भरोसा

    अपनी पार्टी के कानूनी संघर्ष पर बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले चार वर्षों से शिवसेना से जुड़ा मामला अदालत में लंबित है। उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी बस इतनी ही अपेक्षा है कि फैसला पूरी तरह संविधान के दायरे में हो। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे अदालत में इस बात को मजबूती से रखेंगे कि जब मामला न्यायाधीन हो, तब इस तरह की राजनीतिक मुलाकातें न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान और राजनीतिक हलचल पर प्रतिक्रिया

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा युवाओं से संवाद की कोशिशों पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज का युवा सिर्फ प्रवचन सुनने के लिए तैयार नहीं है, बल्कि वे सीधे सवाल पूछ रहे हैं और संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री से संभावित मुलाकातों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग संविधान की रक्षा करना चाहते हैं और उसके साथ खड़े हैं, वे उनके साथ हैं, और वे दूसरों के आंतरिक मामलों पर कुछ नहीं कहना चाहते।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here