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    Homeपीएम मोदी के लोकार्पण के 22 दिन बाद भी बंद पड़ा प्रतीक्षालय

    पीएम मोदी के लोकार्पण के 22 दिन बाद भी बंद पड़ा प्रतीक्षालय

    13 करोड़ से संवारे खैरथल स्टेशन पर यात्रियों को सुविधा का इंतजार, बुजुर्ग-महिलाएं और बच्चे प्लेटफॉर्म पर बैठने को मजबूर

    किशनगढ़बास । अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 13 करोड़ रुपए की लागत से सजाया-संवारा गया खैरथल रेलवे स्टेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण के 22 दिन बाद भी यात्रियों को पूरी सुविधाएं नहीं दे पा रहा है। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से स्टेशन का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया था। इस दौरान खैरथल में केंद्रीय मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय भाजपा नेता और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे थे। इसके बावजूद स्टेशन परिसर में बनाया गया आधुनिक प्रतीक्षालय अब तक यात्रियों के लिए नहीं खोला गया है।

    लोकार्पण के बाद भी ताले में सुविधा

    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत खैरथल स्टेशन का कायाकल्प करते हुए नए भवन, प्लेटफॉर्म में सुधार और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रतीक्षालय तैयार किया गया है। प्रतीक्षालय में यात्रियों की सुविधा के लिए महंगे फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। लेकिन लोकार्पण के 22 दिन बाद भी यह कक्ष बंद पड़ा है। ऐसे में जिस सुविधा को लोकार्पण के साथ यात्रियों के लिए उपलब्ध होना चाहिए था, वह अभी तक ताले में बंद है।

    शनिवार को स्टेशन पहुंचे संवाददाता ने जब प्रतीक्षालय बंद देखा तो वहां मौजूद स्टॉल संचालक से जानकारी ली। उसने बताया कि प्रतीक्षालय अभी बंद ही रहता है। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में जानकारी लेने का प्रयास किया गया। वहां स्टेशन अधीक्षक मौजूद नहीं थे। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी ने बताया कि वे किसी काम से बाहर गए हैं।

    टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने का हवाला

    बंद प्रतीक्षालय के संबंध में पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि अभी इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही प्रतीक्षालय यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। खास बात यह भी सामने आई कि प्रतीक्षालय कक्ष के बाहर अभी तक इसे ‘प्रतीक्षालय कक्ष’ के रूप में स्पष्ट रूप से अंकित तक नहीं किया गया है।

    कर्मचारियों का कहना था कि प्रतीक्षालय खोलने के बाद अंदर रखे महंगे सामान की सुरक्षा और साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी तय करनी होगी। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसे संचालित किया जाएगा। सवाल यह है कि जब सुविधा का लोकार्पण कर उसे जनता को समर्पित किया जा चुका है, तो उसके संचालन की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई?

    यात्री प्लेटफॉर्म पर बैठकर कर रहे इंतजार

    खैरथल स्टेशन पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। प्रतीक्षालय बंद होने के कारण यात्रियों को ट्रेन का इंतजार प्लेटफॉर्म पर ही करना पड़ता है। कई यात्री जमीन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करते नजर आते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से तैयार किए गए प्रतीक्षालय का बंद रहना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

    स्टेशन पर बने शौचालयों की स्थिति को लेकर भी देखरेख का सवाल उठ रहा है। यात्रियों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपए खर्च कर स्टेशन का कायाकल्प किया गया है तो सुविधाओं का नियमित संचालन और रखरखाव भी सुनिश्चित होना चाहिए।

    अब सवाल यह है कि प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पित स्टेशन की यह सुविधा आखिर कब तक ताले में बंद रहेगी? रेलवे प्रशासन कब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर प्रतीक्षालय को यात्रियों के लिए खोलेगा और करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई सुविधा वास्तव में यात्रियों के काम कब आएगी, यह देखने वाली बात होगी।

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