More
    Homeराजनीतिसंसद के गतिरोध पर रिजिजू का बड़ा बयान, बोले- ‘अमित शाह जवाब...

    संसद के गतिरोध पर रिजिजू का बड़ा बयान, बोले- ‘अमित शाह जवाब देंगे, लेकिन…’

    नई दिल्ली: संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान पिछले कई हफ्तों से लगातार चले आ रहे गतिरोध के अब जल्द ही समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के साथ बातचीत के संकेत देते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सदन में खुली चर्चा कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह इस पर विस्तृत जवाब देने के लिए भी तैयार हैं, बशर्ते विपक्ष सदन की कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार का हंगामा न करने का आश्वासन दे।

    विपक्ष के रुख से अटका है मामला, दोनों मुद्दों पर बयान की मांग

    एक तरफ जहां सरकार चर्चा कराने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों के सूत्रों का कहना है कि यदि गृह मंत्री छात्रों के ज्वलंत मुद्दे पर सदन में आधिकारिक बयान देने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले पर भी अपना पक्ष रखना चाहिए। विपक्ष का यह कड़ा रुख है कि जब तक इन दोनों ही महत्वपूर्ण और गंभीर मामलों पर सरकार की तरफ से बयान सामने नहीं आता, तब तक संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध और हंगामा समाप्त नहीं होगा।

    लगातार तीन सप्ताह से हंगामे की भेंट चढ़ रहा मानसून सत्र

    संसद के मौजूदा मानसून सत्र का अधिकांश समय लगातार हो रहे हंगामे और नारेबाजी की भेंट चढ़ चुका है। सत्र के सोलहवें दिन भी सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल का समय हंगामे की वजह से पूरी तरह बाधित हो गया। सुबह ग्यारह बजे जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावे में गड़बड़ी और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी और गृह मंत्री से तुरंत सदन में बयान देने की पुरजोर मांग की।

    सरकार ने की शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने और चर्चा की अपील

    केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को मीडिया के समक्ष बात करते हुए विपक्ष से अपील की कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखें और देश के महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर बहस करने से पीछे नहीं हट रही है, लेकिन इसके लिए एक सही और मर्यादित तरीका होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को यह विश्वास दिलाने को कहा कि वे गृह मंत्री का जवाब शांतिपूर्वक सुनेंगे, ताकि संसद में जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित किया जा सके।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here