चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अभी से परवान चढ़ने लगी हैं। इसी क्रम में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा और करारा हमला बोला है। एक बयान में वड़िंग ने दावा किया है कि मौजूदा विधानसभा सत्र मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल का अंतिम सत्र साबित हो सकता है। उनके मुताबिक, आम आदमी पार्टी की सरकार के भीतर भारी अंदरूनी असंतोष उबल रहा है, जिसके चलते जल्द ही पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं बचेगा।
सरकार के बिखरने और असंतोष का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी भविष्यवाणी की है कि भले ही पंजाब में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 में होने तय हों, किंतु तब तक भगवंत मान मुख्यमंत्री के पद पर कायम नहीं रह पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार किसी भी कीमत पर अपना कार्यकाल पूरा करने में असमर्थ साबित होगी और यह दल बहुत जल्द आंतरिक कलह के कारण बिखर सकता है। वड़िंग के अनुसार, सत्ता पक्ष के कई विधायक सही अवसर की तलाश में हैं और वह पल अब ज्यादा दूर नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के अधिकांश विधायक पिछले साढ़े चार वर्षों से घुटन महसूस कर रहे हैं और अब इस निराशाजनक माहौल से मुक्ति पाने के लिए सही वक्त का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की कार्यशैली और कॉमेडी पर तंज
राजा वड़िंग ने भगवंत मान को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें पंजाब का अब तक का सबसे अक्षम और खराब मुख्यमंत्री करार दिया, जिसके लिए राज्य की जनता उन्हें कभी क्षमा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात यह है कि मान यह समझने में पूरी तरह नाकाम रहे कि मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद उनका राजनीतिक मंच और दायित्व बदल चुका है। अब उन्हें अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए आम सभाओं में चुटकुले और किस्से-कहानियां सुनाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। जनता ने उन्हें हंसाने के लिए नहीं चुना था, क्योंकि मनोरंजन के लिए उनकी पुरानी कॉमेडी शैली पहले से ही काफी थी।
सत्ता सौंपने का आरोप और मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पंजाब की महान जनता ने राज्य में एक बड़े बदलाव और भारी उम्मीदों के साथ भगवंत मान को सत्ता सौंपी थी, परंतु मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए तमाम अधिकार और ताकतें बाहरी लोगों के हाथों में सौंप दीं। इसके एवज में उन्होंने पंजाब के मूलभूत हितों का खुला सौदा और बलिदान कर दिया है, जिसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। इससे पहले गत 5 अगस्त को फरीदकोट की एक जनसभा को संबोधित करते हुए वड़िंग यह इच्छा जाहिर कर चुके हैं कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ सीधे चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान यानी मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी द्वारा ही लिया जाएगा।


