बाड़मेर: बाड़मेर की अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-2 ने दहेज हत्या से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए मृतका के पति, सास और ससुर को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया है।
दहेज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा
मामला वर्ष 2023 का है, जहां मृतका रवीना के पिता ने रामसर थाने में दहेज प्रताड़ना और हत्या का मामला दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक द्वारा पेश किए गए 26 गवाहों के बयानों और 45 महत्वपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर न्यायाधीश मीनाक्षी मीणा ने यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने पति नजीर और उसके माता-पिता (सास-ससुर) को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दोषियों पर लगाया गया आर्थिक जुर्माना
अदालत ने तीनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना यानी कुल 90 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। न्यायाधीश के आदेशानुसार, यदि कोई दोषी जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मारपीट के बाद साक्ष्य मिटाने का था प्रयास
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ससुराल पक्ष के लोग पांच लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर और संतान न होने का ताना देकर रवीना को प्रताड़ित करते थे। सात जुलाई 2023 की रात को दोषियों ने मिलकर रवीना के साथ गंभीर मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद अपराध के साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को पानी के टांके में फेंककर जल्दबाजी में दफना दिया गया था, जिसे बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम करवाया गया था।


