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    पेटीएम पर नियामकीय दबाव बढ़ा, शीर्ष अधिकारियों को मिला सेबी का नोटिस

    नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पेटीएम (One97 Communications) के शीर्ष प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने पेटीएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विजय शेखर शर्मा और मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) मधुर देवड़ा सहित कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारियों को शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी किया है। यह मामला दिसंबर 2023 में कंपनी द्वारा छोटे पर्सनल लोन पोर्टफोलियो को लेकर की गई एक महत्वपूर्ण घोषणा के समय (टाइलमिंग) से संबंधित है। अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है।

    छोटे पर्सनल लोन कम करने की घोषणा से जुड़ा मामला

    गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2023 को पेटीएम ने घोषणा की थी कि वह 50,000 रुपये से कम मूल्य वाले छोटे पर्सनल लोन के वितरण में कटौती करेगी। कंपनी ने यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा असुरक्षित क्रेडिट और छोटे पर्सनल लोन पर पूंजीगत आवश्यकताओं को सख्त करने के बाद लिया था। आरबीआई के इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे असुरक्षित कर्जों के जोखिम को नियंत्रित करना था।

    शेयरों में भारी गिरावट और सेबी की जांच का दायरा

    इस घोषणा के अगले ही कारोबारी दिन पेटीएम के शेयरों में लगभग 20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार आंकड़ों के अनुसार, इस आधिकारिक ऐलान से पहले के आठ कारोबारी सत्रों में भी कंपनी के शेयर करीब 12 फीसदी टूट चुके थे। सेबी की जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या कंपनी ने इस संवेदनशील व्यावसायिक निर्णय की जानकारी शेयर बाजार को सही समय पर दी थी या नहीं। नियामक इस संदर्भ में कंपनी और उसके शीर्ष अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने का जवाब मांग रहा है।

    शो-कॉज नोटिस का तात्पर्य और कंपनी का रुख

    कानूनी प्रक्रियाओं के तहत शो-कॉज नोटिस का अर्थ केवल संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगना होता है और यह किसी उल्लंघन या गड़बड़ी का अंतिम निष्कर्ष नहीं है। यदि जांच में नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तभी नियामक द्वारा पेनल्टी या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    पेटीएम ने देर रात जारी बयान में स्पष्ट किया है कि इस नोटिस से कंपनी के वित्तीय परिचालन पर कोई विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। कंपनी के संबंधित अधिकारी तय समय के भीतर सेबी के समक्ष अपना आधिकारिक जवाब प्रस्तुत करेंगे।

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