सोडावास क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बदहाल, दो दर्जन गांवों की जिम्मेदारी जर्जर वाहन और सीमित पुलिस बल के भरोसे
सोडावास। खैरथल-तिजारा जिले के गठन के बाद सोडावास पुलिस चौकी को थाना बनाए जाने की उम्मीद क्षेत्रवासियों में जगी थी, लेकिन लंबे समय बाद भी यह मांग पूरी नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। चौकी के अंतर्गत आने वाले करीब दो दर्जन बड़े गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीमित पुलिस बल और एक जर्जर वाहन के भरोसे बताई जा रही है। क्षेत्रफल बड़ा होने और आबादी बढ़ने के साथ अपराध की घटनाओं की चुनौती भी बढ़ रही है, ऐसे में पुलिस चौकी को थाना बनाने के साथ पर्याप्त स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोडावास पुलिस चौकी का भौगोलिक क्षेत्र काफी विस्तृत है। इसके बावजूद यहां लंबे समय से पुलिसकर्मियों की कमी बनी हुई है। चौकी के अधीन आने वाले गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, घटनाओं पर तत्काल पहुंचने और गश्त करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और आधुनिक संसाधनों की आवश्यकता है। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
चौकी से थाना बनने पर बढ़ सकता है पुलिस बल
खैरथल-तिजारा जिला बनने के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि सोडावास पुलिस चौकी को थाना बनाया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि थाना बनने से यहां पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ने के साथ ही आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन के स्तर पर इस दिशा में लंबे समय से सिर्फ आश्वासन और पत्राचार ही हो रहा है। क्षेत्र की बढ़ती आबादी और बदलती परिस्थितियों को देखते हुए अब चौकी के स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
जर्जर वाहन के सहारे हो रही क्षेत्र की निगरानी
सोडावास पुलिस चौकी का क्षेत्र बड़ा होने के बावजूद चौकी पर नया चार पहिया वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। वर्तमान में पुराना और जर्जर वाहन ही पुलिसकर्मियों के लिए मुख्य सहारा बताया जा रहा है। इसी वाहन के माध्यम से चौकी क्षेत्र में गश्त, घटनास्थल पर पहुंचने और अन्य पुलिस कार्य किए जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी दूरस्थ गांव में घटना हो जाए तो जर्जर वाहन के कारण पुलिस को मौके पर पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में चौकी को नया और बेहतर वाहन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है, ताकि पुलिसकर्मी समय पर घटनास्थल तक पहुंच सकें।
हरियाणा सीमा से जुड़ा क्षेत्र, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
सोडावास क्षेत्र हरियाणा सीमा के नजदीक होने के कारण भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। क्षेत्र में बेहतर निगरानी और अपराध नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल, वाहन तथा अन्य संसाधनों की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र होने के कारण पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
विधायक ने भी थाना बनाने की जरूरत बताई
मुंडावर विधायक ललित यादव ने कहा कि सोडावास चौकी का भौगोलिक क्षेत्र काफी बड़ा है। हरियाणा सीमा से जुड़े क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौकी को थाना बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि थाना बनने से पुलिस स्टाफ और संसाधनों में बढ़ोतरी हो सकेगी, जिससे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।
चौकी का सार्वजनिक संपर्क नंबर तक नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार सोडावास पुलिस चौकी का कोई सार्वजनिक लैंडलाइन अथवा आसानी से उपलब्ध संपर्क नंबर भी नहीं है। घटना या आपात स्थिति में ग्रामीण चौकी से संपर्क करना चाहें तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चौकी का सार्वजनिक संपर्क नंबर जारी करने की मांग की है, ताकि जरूरत के समय लोग तत्काल पुलिस तक अपनी सूचना पहुंचा सकें।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सोडावास चौकी को थाना बनाने, पर्याप्त पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, नया वाहन उपलब्ध कराने और सार्वजनिक संपर्क नंबर जारी करने जैसे कदम सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस एवं प्रशासन के स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है।
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