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    ‘सभा के बाद मैदान का शुद्धिकरण’ पर सियासत तेज, कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति

    नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के उपरांत रैली स्थल का कथित 'शुद्धिकरण' किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा जुबानी हमला बोलते हुए इसे समूचे दलित समाज का अपमान करार दिया है। पार्टी ने इस घटना को भाजपा की 'दलित विरोधी मानसिकता' का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए दोषियों पर अविलंब प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जवाब मांगा है।

    कांग्रेस आलाकमान ने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा

    नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी सैलजा कुमारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य गुरदीप सप्पल ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने एक सुर में कहा कि रैली स्थल पर हवन-पूजन कर शुद्धिकरण का नाटक रचा जाना न केवल एक वरिष्ठ जननेता का, बल्कि देश के समस्त वंचित और दलित वर्ग का घोर अपमान है।

    भाजपा-आरएसएस पर सीधा हमला और आरोप

    पत्रकार वार्ता में कांग्रेस दिग्गजों ने राज्य सरकार और सत्ताधारी दल को घेरते हुए प्रमुख बिंदु उठाए:

    • चुनाव से पहले शरारती हरकतें: कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि चुनाव करीब आते ही भाजपा अपने अराजक तत्वों को आगे कर देती है। उन्होंने कहा कि देहरादून में राहुल गांधी के कार्यक्रम और हल्द्वानी में खरगे की जनसभा को बाधित करने की नीयत से ये कदम उठाए गए, लेकिन जनसमर्थन के आगे भाजपा की मंशा नाकाम रही।

    • संकीर्ण सोच का परिचायक: प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जिस मंच से देश के प्रमुख विपक्षी नेता ने जनता को संबोधित किया, वहां शुद्धिकरण का नाटक रचना भाजपा की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। इस कृत्य से पूरे प्रदेश की छवि धूमिल हुई है।

    • संवैधानिक मर्यादाओं का हनन: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यदि देश की संसद में विपक्ष के नेता के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है, तो आम दलित नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

    पुलिस प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल

    कांग्रेस नेता गुरदीप सप्पल ने मामले में पुलिस और राज्य प्रशासन की भूमिका को ढुलमुल बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? खरगे द्वारा राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद सरकार ने केवल औपचारिकता के तौर पर जांच का आश्वासन दिया है। कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि पार्टी इस जातिवादी मानसिकता के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।

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