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    किशनगढ़बास में 30 मिनट की बारिश से बिगड़ी जल निकासी, सड़कों पर भरा गंदा पानी

    जलभराव का निरीक्षण करने सड़क पर उतरे न्यायिक अधिकारी, नालों के अतिक्रमण पर जताई चिंता

    किशनगढ़बास। शुक्रवार दोपहर हुई करीब 30 मिनट की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की बदहाली सामने ला दी। गंज रोड और मुख्य बाजार की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। नालों का गंदा और बदबूदार पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव की स्थिति जिला न्यायालय परिसर तक पहुंच गई, जहां 15 अगस्त के जिला स्तरीय समारोह की तैयारियां चल रही हैं।

    स्थिति का जायजा लेने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी स्वयं न्यायालय परिसर से बाहर निकले। उनके साथ पीएलवी सूरजभान भी मौजूद रहे। न्यायिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से समस्या की जानकारी ली।

    न्यायिक अधिकारी ने नालों और जलभराव का लिया जायजा

    अजीत कुड़ी ने न्यायालय की दीवार से लगे नाले का निरीक्षण करने के बाद गंज रोड और मुख्य बाजार का दौरा किया। उन्होंने दुकानदारों एवं आमजन से जलभराव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान दुकानों के नीचे बने नालों और उनमें मौजूद अवरोधों को भी देखा गया।

    इसके बाद वे सहकारी गोदाम के पीछे स्थित जोहड़ तक पहुंचे। उन्होंने गंज रोड, न्यायालय गेट के सामने बने नाले तथा मुख्य बाजार में दुकानों के नीचे से होकर जोहड़ तक पहुंचने वाले पानी के रास्ते की स्थिति का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान शहर की जल निकासी व्यवस्था में बाधा बन रहे अतिक्रमण और नालों के अवरोध पर चिंता जताई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही शहर के प्रमुख मार्गों पर पानी जमा हो जाता है और लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।

    शिकायतों के बाद भी स्थायी समाधान का इंतजार

    जल निकासी की समस्या को लेकर पिछले दिनों आमजन और अधिवक्ताओं की ओर से संयुक्त रूप से शिकायतें उठाई गई थीं। बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला सचिव की ओर से जिला कलेक्टर, नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा चुका है।

    जल निकासी, नालों की सफाई और शहर की साफ-सफाई से जुड़े कार्य नगर पालिका के स्तर पर किए जाते हैं, जबकि सड़कों और उनसे संबंधित नालों की व्यवस्था में पीडब्ल्यूडी की भूमिका है। वहीं अतिक्रमण हटाने और प्रशासनिक कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होती है।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले व्यवस्था सुधारने की चुनौती

    किशनगढ़बास इस बार 80वें स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय समारोह की मेजबानी करने जा रहा है। जिला न्यायालय परिसर और आसपास बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने प्रशासन के सामने व्यवस्था दुरुस्त करने की चुनौती बढ़ा दी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आमजन पहुंचेंगे। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों और समारोह स्थल के आसपास जलभराव, गंदगी और अवरुद्ध नालों की समस्या नहीं रहनी चाहिए।

    शहरवासियों की मांग है कि नालों की तत्काल सफाई कराई जाए, जल निकासी के रास्तों से अवरोध हटाए जाएं और अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि सामान्य बारिश में भी शहर के प्रमुख मार्ग जलमग्न न हों।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश में सामने आने वाली समस्या का स्थायी समाधान अब जरूरी है। केवल शिकायतों और पत्राचार के बजाय मौके पर कार्रवाई होने से ही शहरवासियों को राहत मिल सकेगी।

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