समारोह की मेजबानी से शहर में उत्साह, न्यायालय परिसर रोशनी से जगमगाया; पुरानी न्यायिक पहचान लौटने की उम्मीद
किशनगढ़बास। इस बार 15 अगस्त किशनगढ़बास के लिए महज एक तारीख नहीं, बल्कि गौरव और इतिहास से जुड़ा खास अवसर बनने जा रहा है। 80वें स्वाधीनता दिवस पर खैरथल-तिजारा जिले का जिला स्तरीय समारोह पहली बार किशनगढ़बास में आयोजित किया जाएगा। दशकों बाद जिले के प्रमुख सरकारी आयोजन की मेजबानी मिलने से शहरवासियों में खासा उत्साह है। जिला न्यायालय परिसर को स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है।
15 अगस्त की सुबह जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास किशनगढ़बास न्यायालय परिसर में ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और शहरवासियों में उत्साह का माहौल है।
न्यायालय परिसर में तैयारियां अंतिम दौर में
जिला स्तरीय समारोह को लेकर न्यायालय परिसर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रात के समय रंग-बिरंगी रोशनियों से पूरा परिसर जगमगाता नजर आ रहा है। न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी समारोह की व्यवस्थाओं में जुटे हैं, वहीं बार एसोसिएशन के अधिवक्ता भी आयोजन को यादगार बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
स्थानीय अधिवक्ताओं का मानना है कि जिला स्तरीय समारोह की मेजबानी किशनगढ़बास के लिए सामान्य प्रशासनिक कार्यक्रम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। यह आयोजन शहर की न्यायिक एवं प्रशासनिक पहचान से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को फिर से जीवंत करने का अवसर है।
कभी बड़े न्यायिक केंद्र के रूप में थी पहचान
किशनगढ़बास का प्रशासनिक और न्यायिक इतिहास गौरवशाली रहा है। एक समय यहां का न्यायिक क्षेत्र काफी विस्तृत था और आसपास के क्षेत्रों के लोग अपनी फरियाद और न्याय की उम्मीद लेकर किशनगढ़बास पहुंचते थे।
समय के साथ तिजारा, टपूकड़ा, भिवाड़ी, कोटकासिम, मुंडावर सहित विभिन्न स्थानों पर न्यायिक संस्थान स्थापित होने से किशनगढ़बास के न्यायालयों का अधिकार क्षेत्र धीरे-धीरे सीमित होता गया। इसके चलते शहर की पुरानी न्यायिक पहचान भी प्रभावित हुई।
अब जिला स्तरीय समारोह की मेजबानी मिलने से स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी है कि किशनगढ़बास फिर से अपनी पुरानी पहचान और महत्व की ओर बढ़ेगा।
शहरवासियों में भी उत्साह
जिला स्तरीय समारोह पहली बार अपने शहर में होने को लेकर स्थानीय नागरिकों में भी खासा उत्साह है। शहरवासियों का कहना है कि 80वें स्वाधीनता दिवस पर किशनगढ़बास में तिरंगे के साथ शहर के गौरव का भी उत्सव मनाया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुसार यह आयोजन केवल स्वतंत्रता दिवस समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि किशनगढ़बास की पुरानी न्यायिक पहचान को याद करने और उसे नए रूप में स्थापित करने का अवसर भी है।
15 अगस्त को जब न्यायालय परिसर में तिरंगा लहराएगा और परेड की सलामी दी जाएगी, तब यह दृश्य शहर के लिए गौरव का क्षण होगा। दशकों बाद जिला स्तरीय आयोजन की मेजबानी मिलने से किशनगढ़बास में नई उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है।
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