हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक भारतीय प्रोफेशनल की फाइनेंशियल जर्नी काफी चर्चा में है, जिसमें उसने अपनी ताबड़तोड़ कमाई और करोड़पति बनने का सफर साझा किया है। 22 साल की उम्र में ग्रेजुएट ट्रेनी के तौर पर 10 लाख रुपये के पैकेज से करियर शुरू करने वाले इस शख्स ने एमबीए के बाद मैनेजमेंट कंसल्टिंग का रुख किया और धीरे-धीरे अपनी कमाई और निवेश के दम पर महज़ तीन साल में अपनी नेटवर्थ को 1 करोड़ से बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया।
मिडिल ईस्ट में नौकरी बना 'चीट कोड', 2.5 साल में बचाए 6.5 करोड़
इस व्यक्ति की वेल्थ क्रिएशन जर्नी में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 34 साल की उम्र में आया, जब उसने मैनेजमेंट कंसल्टिंग के सिलसिले में मिडिल ईस्ट का रुख किया।
टैक्स-फ्री कमाई: वहां उसकी सालाना कमाई बढ़कर करीब 3.5 करोड़ रुपये (लगभग 4 लाख डॉलर) हो गई, जो कि पूरी तरह टैक्स-फ्री थी।
बचत की रफ्तार: 37 साल की उम्र में उसने दावा किया कि पिछले करीब ढाई साल में उसने लगभग 6.5 करोड़ रुपये की बचत की है।
नेटवर्थ में उछाल: इस दौरान उसकी कुल नेटवर्थ बढ़कर करीब 7.5 करोड़ रुपये हो गई, यानी 34 की उम्र के 1 करोड़ रुपये महज तीन साल में लगभग साढ़े सात गुना बढ़ गए।
मुंबई में तीन प्रॉपर्टी और 700 ग्राम सोना
अपनी मौजूदा संपत्ति का ब्यौरा देते हुए उसने बताया कि उसके पास मुंबई में तीन ऐसी प्रॉपर्टी हैं, जिनका पूरा भुगतान (Fully Paid) किया जा चुका है। इसके अलावा उसके पास फिजिकल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) मिलाकर करीब 700 ग्राम सोना है। साथ ही, करीब 30 लाख रुपये का निवेश शेयर बाजार में भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता उसकी मोटी कमाई के साथ-साथ खर्चों पर नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और सही समय पर किए गए विविधीकृत (Diversified) निवेश का नतीजा है।


