चंडीगढ़। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह गहराती जा रही है। पार्टी के भीतर 'एक परिवार, एक टिकट' नीति को लेकर उपजा विवाद अब राज्य का प्रमुख सियासी मुद्दा बन चुका है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच उभरे मतभेदों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस की घेराबंदी शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने रंधावा के बयान का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं।
वड़िंग और रंधावा के विचार आमने-सामने
टिकट बंटवारे की नीति पर पंजाब कांग्रेस के दो बड़े दिग्गजों के विचार पूरी तरह भिन्न नजर आ रहे हैं:
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग: प्रदेश अध्यक्ष पार्टी के 'एक परिवार, एक टिकट' सिद्धांत के कड़े पक्षधर हैं। उनका मानना है कि संगठन को एक ही परिवार के दो सदस्यों को चुनावी मैदान में उतारने से परहेज करना चाहिए।
सुखजिंदर सिंह रंधावा: वरिष्ठ नेता रंधावा का तर्क है कि टिकट आवंटन का मुख्य आधार उम्मीदवार की जीत की क्षमता होनी चाहिए। यदि किसी एक परिवार में चार ऐसे सदस्य हैं जो चुनाव जीतने का दम रखते हैं, तो केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर उन्हें अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
बीजेपी नेता बिट्टू ने साधा निशाना
कांग्रेस के इस अंदरूनी घमासान में बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के कूदने से मामला और गर्मा गया है। बिट्टू ने रंधावा के रुख का समर्थन करते हुए शीर्ष नेतृत्व पर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांधी परिवार के तीन सदस्य चुनावी राजनीति में उतर सकते हैं, तो प्रदेश के अन्य किसी सक्षम और जिताऊ परिवार के चार उम्मीदवारों को टिकट देने में परहेज क्यों होना चाहिए? बीजेपी के इस हमले ने कांग्रेस की अंदरूनी बहस को एक बड़ा राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
चुनाव से पहले गुटबाजी थामना कांग्रेस के लिए चुनौती
विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाज़ी खत्म होने के बजाय और बढ़ती दिख रही है। इससे पूर्व, प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग के बीच खींचतान बनी हुई थी। हालांकि, पार्टी हाईकमान ने संतुलन साधने के लिए वड़िंग को पुनः प्रदेश अध्यक्ष और चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों गुटों के समर्थकों के बीच बयानबाजी और तल्खी लगातार जारी है।


