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    ट्विशा शर्मा केस में जांच के बाद CBI की चार्जशीट, गिरिबाला सिंह और समर्थ पर दहेज हत्या का केस

    भोपाल: राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में आज 17 अगस्त को विशेष न्यायालय में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। विशेष अदालत द्वारा पूर्व में दिए गए कड़े निर्देशों के अनुपालन में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आज अपनी जांच की फाइनल रिपोर्ट और चार्जशीट अदालत के समक्ष पेश कर दी है। इससे पहले अदालत ने 11 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई को 17 अगस्त तक हर हाल में अपनी जांच पूरी कर अदालत में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। सीबीआई द्वारा दाखिल की गई इस विस्तृत चार्जशीट के अनुसार, मृतका ट्विशा के पति समर्थ और उसकी सास गिरिबाला के ऊपर दहेज प्रताड़ना और हत्या से जुड़ी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

    636 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल

    जांच एजेंसी सीबीआई ने इस पूरे प्रकरण में कुल 636 पृष्ठों की एक लंबी-चौड़ी चार्जशीट कोर्ट में सौंपी है। इस संबंध में मृतका ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सीबीआई ने अदालत में काफी बड़ी चार्जशीट पेश की है। वर्तमान में इस चार्जशीट के प्रत्येक पन्ने और बिंदु का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है, जिसके बाद उनके कानूनी सलाहकार (वकील) इस पर विस्तृत चर्चा करेंगे। सीबीआई ने अपनी इस रिपोर्ट में घटना से जुड़े अब तक के अनुसंधान और जांच के सभी पहलुओं को तथ्यात्मक रूप से दर्ज किया है। शाम के समय ट्विशा के परिजनों तथा आरोपी पक्ष की ओर से गिरिबाला के अधिवक्ता को इस चार्जशीट की आधिकारिक प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

    सीबीआई ने कहा- मामले की जांच अभी रहेगी जारी

    अदालत में कार्यवाही के दौरान सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस सनसनीखेज मामले में अभी आगे की जांच और अनुसंधान जारी रहेगा। फिलहाल अब तक की गई तफ्तीश के आधार पर तैयार रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी गई है। इस चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य रूप से गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर विवाहिता को आत्महत्या के लिए विवश करने (उकसाने) समेत अन्य गंभीर आरोप तय किए गए हैं।

    सीबीआई द्वारा दाखिल चालान में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) के तहत आरोप जोड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त, उन पर दहेज निषेध अधिनियम (Dowry Prohibition Act) की धारा 3 और 4 के अंतर्गत भी कानूनी कार्रवाई के प्रावधान किए गए हैं।

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