पुणे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित करने का बड़ा ऐलान किया है। इस बार यह आयोजन विशेष रूप से केवल छात्राओं के लिए रहेगा। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि इस मंच के जरिए लड़कियां अपनी समस्याएं और विचार बेबाक अंदाज में रखेंगी, जिन्हें पूरा देश सुनेगा। इसके साथ ही उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत विद्यार्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
जंतर-मंतर पर छात्रों संग संवाद और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
राहुल गांधी ने 16 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे नीट धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे अभ्यर्थियों से संवाद करते नजर आए। इस दौरान छात्रों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दिल्ली पुलिस पर दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी युवाओं का दावा था कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें 'देशद्रोही' और 'आतंकवादी' जैसे शब्दों से संबोधित किया। एक छात्र ने हिंसक लाठीचार्ज की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस का रवैया ऐसा था मानो उन्हें बल प्रयोग की खुली छूट दे दी गई हो।
22 अगस्त को पुणे में सिर्फ छात्राओं के लिए 'छात्रों की गूंज'
सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से राहुल गांधी ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने वाले युवाओं के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत के युवाओं ने सत्ता के दमनकारी रवैये के सामने जिस निडरता और परिपक्वता से खड़े होकर जवाबदेही मांगी, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने अहिंसा और संवाद के जरिए अपनी आवाज बुलंद की है।"
लड़कियों की आवाज दबाई नहीं जा सकेगी, राहुल गांधी का आश्वासन
छात्राओं का ढांढस बंधाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें उन सभी बेटियों पर गर्व है जिन्होंने बदसलूकी, अपशब्दों और दबाव का सामना करने के बावजूद अपना हौसला नहीं खोया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब विद्यार्थियों की आवाज को दबाना संभव नहीं होगा। 22 अगस्त को पुणे में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से देश की बेटियां मुखर होकर अपनी बात देश के सामने रखेंगी।


