महिला को ऑपरेशन की जरूरत बताने के बावजूद समय पर सर्जरी नहीं होने का आरोप, परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के लगाए गंभीर आरोप
अलवर। अलवर के महिला चिकित्सालय में प्रसव से पहले गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला सामने आने के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते ऑपरेशन किया जाता तो संभवतः गर्भस्थ शिशु की जान बचाई जा सकती थी।
मृत गर्भस्थ शिशु की मां के पति विशाल ने बताया कि उनकी पत्नी के अचानक पेट में दर्द होने के बाद 11 अगस्त की रात उसे अलवर महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने करीब दो दिन पहले ही महिला के ऑपरेशन की जरूरत लिख दी थी, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेशन नहीं किया गया।
ऑपरेशन की जरूरत के बावजूद इंतजार का आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला को अस्पताल में भर्ती करने के बाद चिकित्सक लगातार रूटीन चेकअप करते रहे। उनका कहना है कि यदि चिकित्सकों को ऑपरेशन की जरूरत महसूस हो चुकी थी तो समय रहते सर्जरी का निर्णय लिया जाना चाहिए था।
परिजनों के मुताबिक 16 अगस्त की रात तक गर्भस्थ शिशु की धड़कन सामान्य रूप से चल रही थी। इसके बाद 17 अगस्त की सुबह जब महिला के ऑपरेशन का समय आया तो जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु की धड़कन नहीं चल रही है।
यह जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों से मामले को लेकर सवाल किए। उनका आरोप है कि महिला की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समय पर उचित निर्णय लिया जाता और लगातार निगरानी रखी जाती तो शायद यह स्थिति नहीं बनती।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की
महिला के पति विशाल सहित परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिजनों का आरोप है कि गर्भस्थ शिशु की धड़कन सामान्य होने के बावजूद ऑपरेशन में देरी क्यों हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से उपचार के दौरान हुई पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले को लेकर परिजनों में नाराजगी बनी हुई है। परिवार ने अस्पताल प्रशासन से जल्द निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। वहीं, मामले में चिकित्सकीय स्तर पर हुई कार्रवाई और उपचार प्रक्रिया की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गर्भस्थ शिशु की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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