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    साढ़े पांच किलोमीटर की दूरी भी नहीं कर सके कम, पिता की मौत के बाद बेटों ने आने से किया इनकार

    नई दिल्ली: हरियाणा के सोनीपत से सामने आई मार्मिक घटना की कसक अभी लोगों के दिलों से मिटी भी नहीं थी कि अब दक्षिण दिल्ली के कालकाजी थाना क्षेत्र से एक और बेहद हैरान और झकझोर कर रख देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बुजुर्ग पिता का शव उनके ही बंद कमरे में करीब पाँच दिनों तक सड़ता रहा। शव इस बुरी तरह सड़-गल चुका था कि उसमें कीड़े तक पड़ गए थे। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि मृतक बुजुर्ग के दोनों बेटे महज साढ़े पाँच किलोमीटर की दूरी पर ही रहते थे, लेकिन वे पिता की सुध लेने तक नहीं आए। जब पुलिस के समझाने पर वे अस्पताल पहुँचे, तो सीधे पोस्टमार्टम कराने के लिए आए। फिलहाल कालकाजी थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।

    गोविंदपुरी एक्सटेंशन में हुई खौफनाक घटना

    दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कालकाजी पुलिस को 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे एक पीसीआर कॉल मिली थी, जिसमें कॉलर ने बताया कि गोविंदपुरी एक्सटेंशन स्थित एक मकान से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना मिलते ही कालकाजी थानाध्यक्ष अजय कुमार और एसआई सचिन अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था।

    जब पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा और भीतर प्रवेश किया, तो देखा कि 64 वर्षीय रवि डे का शव बाथरूम के गेट के पास पड़ा हुआ था। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे और शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत होकर सड़ चुका था।

    बेटाें का अमानवीय रवैया और पुलिस की समझाइश

    पड़ोसियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने लाजपत नगर में रहने वाले उनके दोनों बेटों को घटना की सूचना दी। शुरुआती दौर में थाना पुलिस के समक्ष बेटों ने मौके पर आने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने लावारिस हालत में शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स (AIIMS) के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया था।

    पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार समझाने और कानूनी औपचारिकता का हवाला देने के बाद आखिरकार 16 अगस्त को दोनों बेटे पिता के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए एम्स पहुँचे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे शव को अपने साथ ले गए।

    इस अमानवीय घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक चकाचौंध और व्यस्तता के इस दौर में माता-पिता अपनी ही संतानों के लिए इतने बेगाने क्यों होते जा रहे हैं कि अकेलेपन और लाचारी में उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं बचता। कालकाजी पुलिस आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

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