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    Ola-Uber की हड़ताल से भोपाल बेहाल, स्टेशन पर यात्रियों से वसूला जा रहा दोगुना किराया

    भोपाल। राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण ओला और उबर जैसी ऑनलाइन कैब सेवाओं का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों की आवाजाही पर पड़ रहा है। सोमवार मध्यरात्रि से शुरू हुई इस हड़ताल के चलते मंगलवार की सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों द्वारा लगातार मोबाइल ऐप के जरिए कैब बुक करने के प्रयास किए गए, लेकिन वाहन उपलब्ध न होने के कारण उन्हें वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी।

    रेलवे स्टेशन पर बढ़ी यात्रियों की फजीहत

    आम दिनों में ट्रेन से उतरने वाले यात्री तुरंत ऑनलाइन कैब बुक करके अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, परंतु हड़ताल के कारण यह व्यवस्था चरमरा गई। स्टेशन परिसर के बाहर भारी सामान के साथ खड़े यात्रियों के सामने केवल ऑटो रिक्शा ही एकमात्र विकल्प बचा। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए कुछ ऑटो चालकों द्वारा तय मानकों से डेढ़ से दो गुना तक अधिक किराया वसूलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि, परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आरटीओ स्तर पर चालकों के साथ बातचीत का दौर जारी है।

    टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगें और आंदोलन

    चालक संघ के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसके तहत 19 अगस्त को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना देकर मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ड्राइवरों का तर्क है कि ईंधन के बढ़ते दाम, वाहनों के स्पेयर पार्ट्स, बीमा और ईएमआई के मुकाबले उनकी आय बेहद कम हो गई है। संघ की मुख्य मांग सरकार द्वारा टैक्सियों के लिए आधिकारिक और स्थायी किराया तय करना है, जिसमें 22 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर की दर, टाइम चार्ज और बेस फेयर शामिल करने की बात कही गई है।

    प्राइवेट नंबर के वाहनों पर रोक की मांग

    किराए के निर्धारण के अलावा टैक्सी यूनियनों ने कमर्शियल एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स पर गैर-व्या व्यावसायिक (प्राइवेट नंबर) गाड़ियों और बाइकों के संचालन पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। चालकों का आरोप है कि निजी नंबर की गाड़ियों के जरिए कैब और बाइक सेवाएं देने से वैध कमर्शियल टैक्सी चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है और उनकी दैनिक आय में भारी गिरावट आ रही है।

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