जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वर्ष 2022 वरिष्ठ अध्यापक हिंदी भर्ती परीक्षा में मूल अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने वाले 10 हजार रुपये के इनामी फर्जी (डमी) अभ्यर्थी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान दिनेश कुमार विश्नोई के रूप में हुई है, जो मूल अभ्यर्थी सैलाराम का साला बताया जा रहा है।
फोटो मॉर्फिंग और फर्जी हस्ताक्षर कर दी थी परीक्षा
एसओजी के अनुसार, आरोपी दिनेश कुमार ने ऑनलाईन आवेदन के समय ही मूल अभ्यर्थी की फोटो में हेरफेर (मॉर्फिंग) कर अपनी फोटो लगा दी थी। इसके बाद वह परीक्षा केंद्र पर सैलाराम बनकर बैठा और प्रवेश पत्र व उपस्थिति पत्रक पर फर्जी हस्ताक्षर कर परीक्षा दी। जब वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा का परिणाम आया और चयन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन शुरू हुआ, तब फोटो में अंतर पाए जाने पर इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।
दो साल से फरार चल रहा था इनामी आरोपी
मामले की जांच करते हुए एसओजी ने मूल अभ्यर्थी सैलाराम को 23 अगस्त 2024 को ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन डमी अभ्यर्थी दिनेश कुमार करीब दो साल से फरार चल रहा था। वह जालोर और भीनमाल क्षेत्रों में पहचान बदलकर छुप रहा था, जिस पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम रखा था। सटीक सूचना तंत्र के आधार पर अंततः एसओजी ने उसे धर दबोचा।
फर्जीवाड़े के अन्य नेटवर्क को खंगाल रही एसओजी
गिरफ्तारी के बाद एसओजी आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस फर्जीवाड़े में परीक्षा केंद्र के अधिकारियों या किसी अन्य गिरोह की संलिप्तता तो नहीं थी। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के बाद भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों को बिठाने वाले सिंडिकेट से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण कड़ियां भी सामने आ सकती हैं।


