राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी फिल्म 'बंटवारा 1947' ने एक बार फिर दिग्गज अभिनेता सनी देओल और अनुभवी अभिनेत्री शबाना आजमी को बड़े पर्दे पर एक साथ ला खड़ा किया है। फिल्म में दोनों की भावनात्मक केमिस्ट्री इस ऐतिहासिक कहानी का एक अहम हिस्सा है, लेकिन इस नई जोड़ी के बनने से साल 2001 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' के समय का एक पुराना विवाद भी ताजा हो गया है, जब शबाना आजमी द्वारा इस फिल्म की तीखी आलोचना किए जाने पर सनी देओल ने कड़ा एतराज जताया था।
'गदर' पर क्या थीं शबाना आजमी की आपत्तियाँ?
साल 2001 में रिलीज हुई 'गदर: एक प्रेम कथा' बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचते हुए अपने समय की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बन गई थी। हालांकि, फिल्म की कहानी, बंटवारे की पृष्ठभूमि, राष्ट्रवाद और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को दिखाने के तरीके को लेकर उस दौरान काफी चर्चा और बहस हुई थी।
शबाना आजमी उन प्रमुख फिल्मी हस्तियों में शामिल थीं जिन्होंने फिल्म में इन संवेदनशील मुद्दों को पेश करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से अभिनेत्री ने तब कहा था कि 'गदर' राष्ट्रवाद, धर्म और पहचान के जटिल मुद्दों को आपस में उलझा देती है और देश के विभाजन से उपजे दर्द की वास्तविक जटिलताओं को सही ढंग से चित्रित नहीं करती। उन्होंने इसे एक 'भड़काऊ' फिल्म करार देते हुए यह भी कहा था कि यह समाज में एक समुदाय विशेष को 'दूसरे' (अलग) रूप में पेश करती है।
सनी देओल ने दिया था दो टूक जवाब
अपनी बात को हमेशा बेबाकी से रखने के लिए जाने जाने वाले सनी देओल ने इस आलोचना को बिल्कुल हल्के में नहीं लिया था। एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता ने शबाना आजमी की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के पक्ष में अपना रुख स्पष्ट किया था।
सनी देओल ने कहा था, 'शबाना आजमी जैसी वरिष्ठ और समझदार अभिनेत्री की इन बातों से मुझे सच में निराशा हुई। उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे चीजों को समझदारी से देखेंगी, लेकिन उन्होंने फिल्म के बारे में भड़काऊ बातें कहीं। जिन लोगों ने उस समय इस फिल्म को लेकर बेवजह हंगामा खड़ा किया, वे असल में केवल सुर्खियों में बने रहना चाहते थे। 'गदर' की अभूतपूर्व कामयाबी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि उसमें कुछ भी गलत नहीं था… जनता ने इसे इतना प्यार दिया कि इसके बारे में बुरा-भला कहने वाले सभी लोगों की बोलती खुद-ब-खुद बंद हो गई।'
अब 'बंटवारा 1947' में साथ आए नजर
दशकों पुरानी उस वैचारिक असहमति और बहस को पीछे छोड़ते हुए, अब ये दोनों दिग्गज कलाकार बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म 'बंटवारा 1947' में साथ नजर आ रहे हैं। इस नई फिल्म में उनके किरदार और रिश्ते बिल्कुल अलग समीकरण में दिखाई देते हैं, जहाँ सनी देओल ने लाहौर के एक मुस्लिम प्रवासी 'सिकंदर' की भूमिका निभाई है, जो अपनी जान की बाजी लगाकर शबाना आजमी द्वारा निभाए गए एक बुजुर्ग हिंदू महिला के किरदार की रक्षा करते हैं और उन्हें پनाह (शरण) देते हैं। कभी वैचारिक बहसों में एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े रहे इन दोनों कलाकारों को पर्दे पर एक साथ देखना दर्शकों के लिए एक दिलचस्प अनुभव है।


