देशभर में चलाई जा रही लोकप्रिय अटल पेंशन योजना में एक बड़ी वित्तीय गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का अनुचित लाभ वे लोग भी उठा रहे हैं जो आयकरदाता (Income Tax Payers) हैं या फिर सरकार की अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा पहले से ही ले रहे हैं।
अयोग्य लाभार्थियों का बड़ा खुलासा
CAG की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि अटल पेंशन योजना के मौजूदा लाभार्थियों में 14,14,947 ऐसे लोग शामिल हैं जो आयकर भरते हैं। नियमों के मुताबिक आयकर दाताओं को इस योजना का लाभ मिलने की पात्रता नहीं होती है, फिर भी बड़े पैमाने पर इसका उल्लंघन हुआ है।
दोहरे लाभ और योजनाओं में ओवरलैप
लेखापरीक्षा (Audit) के दौरान सरकार की विभिन्न पेंशन योजनाओं के बीच भारी दोहराव देखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 14 लाख ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं जो अटल पेंशन योजना के साथ-साथ किसी अन्य पेंशन या सामाजिक सुरक्षा योजना का भी हिस्सा हैं और इस प्रकार दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएजी ने अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लाभार्थियों के बीच इस ओवरलैप पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
लक्ष्यों में देरी और सुधार के सुझाव
इस योजना का शुरुआती 2 करोड़ ग्राहकों का लक्ष्य निर्धारित समय से 5 साल की देरी से पूरा हो सका था, हालांकि सितंबर 2022 तक कुल पंजीकृत ग्राहकों का आंकड़ा 4 करोड़ को पार कर गया था। इस पूरी अनियमितता को देखते हुए सीएजी ने केंद्र सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि अयोग्य लोगों को तुरंत योजना से बाहर किया जाए। साथ ही, भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सेबी (SEBI) और बीमा नियामक (IRDAI) की तर्ज पर एक मजबूत और एकल पेंशन नियामक तंत्र स्थापित करने की जोरदार सिफारिश की गई है।


