More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशसीएम मोहन यादव के निर्देश का असर, कैलारस शुगर मिल चालू करने...

    सीएम मोहन यादव के निर्देश का असर, कैलारस शुगर मिल चालू करने का काम शुरू

    मुरैनामुरैना जिले की काफी समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 19 अगस्त 2025 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किए गए फैसले के अनुसार मिल की भूमि एमएसएमई विभाग को सौंप दी गई थी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

    30 वर्षों के पट्टे पर दी जाएगी मिल

    एमएसएमई विभाग ने मिल के संचालन हेतु रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की है। सरकार इस चीनी मिल को "जैसी है, जहां है" के आधार पर 30 साल की लीज (पट्टे) पर देने जा रही है। इच्छुक निवेशक 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को परिसर का निरीक्षण कर सकते हैं।

    निविदा प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां

    • प्रि-बिड बैठक: 3 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे भोपाल स्थित विंध्याचल भवन में आयोजित की जाएगी।

    • लिखित प्रश्न सबमिट करने की अंतिम तिथि: 7 सितंबर 2026 (शाम 5 बजे तक)।

    • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 15 सितंबर 2026 (शाम 5 बजे तक)।

    • प्रस्ताव खोलने की तिथि: 16 सितंबर 2026 (शाम 5 बजे)।

    मिल की क्षमता और परिसंपत्तियां

    कैलारस रेलवे स्टेशन से करीब 3 किमी की दूरी पर स्थित इस मिल की गन्ना पेराई क्षमता 1,250 टन प्रतिदिन है। इसके परिसर में 12.86 हेक्टेयर भूमि, फैक्ट्री भवन, गोदाम और प्लांट-मशीनरी शामिल हैं। चीनी और उसके उप-उत्पाद बनाने में सक्षम कंपनियां 'एमपी टेंडर्स' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकती हैं।

    बंद पड़ी इकाइयों के समाधान के लिए सरकार के प्रयास

    प्रदेश सरकार बंद पड़े उद्योगों को पुनः चालू करने और श्रमिकों के बकाये के भुगतान पर प्राथमिकता से काम कर रही है:

    • इन्दौर: हुकुमचंद मिल के लगभग 4,700 श्रमिक परिवारों को ₹224 करोड़ का भुगतान कर राहत दी गई।

    • उज्जैन: विनोद मिल के श्रमिकों की देनदारियों का चुकता किया गया और सोयाबीन फैक्ट्री से जुड़े मामलों के समाधान की पहल की गई।

    • ग्वालियर: जेसी मिल के लगभग 8,000 श्रमिकों के बकाये के निपटारे की प्रक्रिया जारी है।

    • रतलाम: सज्जन मिल की समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here