सीकरी के झझार रोड पर हादसा, 22 वर्षीय सेम्पी सैनी गंभीर घायल; परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर जांच और मुआवजे की मांग की
अलवर। डीग जिले के सीकरी कस्बे में नगर पालिका के अधीन रोड लाइट के खंभों पर खराब लाइट बदलने का काम कर रहा 22 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन बिजली करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। हादसा झझार रोड पर हुआ। घायल सेम्पी सैनी पुत्र झम्मन लाल सैनी को पहले सीकरी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। यहां ट्रॉमा वार्ड में उसका उपचार जारी है।
शटडाउन के बाद अचानक दौड़ा करंट
जानकारी के अनुसार सीकरी निवासी सेम्पी सैनी पिछले करीब तीन वर्षों से नगर पालिका में निजी तौर पर इलेक्ट्रिशियन का काम कर रहा है। झझार रोड पर रोड लाइट ठीक करने के दौरान 11 हजार केवी की बिजली लाइन का शटडाउन कराया गया था।
बताया गया कि शटडाउन होने के बाद सेम्पी पोल पर चढ़कर काम करने लगा। इसी दौरान अचानक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। लाइन में करंट दौड़ते ही सेम्पी उसकी चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलसकर पोल से नीचे गिर पड़ा।
दोनों हाथ और पेट झुलसे, गिरने से भी लगी चोट
करंट लगने से सेम्पी के दोनों हाथ और पेट बुरी तरह झुलस गए। इसके अलावा पोल से नीचे गिरने के कारण उसके शरीर में गंभीर गुम चोटें भी आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे उपचार के लिए सीकरी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए अलवर रेफर कर दिया।
राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के ट्रॉमा वार्ड में घायल का उपचार चल रहा है।
परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद घायल के परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब काम के लिए विद्युत लाइन का शटडाउन लिया गया था तो बिजली आपूर्ति दोबारा किसकी अनुमति से चालू की गई, इसकी जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने मामले की जांच कराने, घायल को उचित मुआवजा देने तथा जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल पर भी सवाल
हादसे को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि पोल पर काम करते समय इलेक्ट्रिशियन ने आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया था। ऐसे में हादसे के कारणों की जांच में शटडाउन के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल होने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।
मामले में विद्युत आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया, शटडाउन की अनुमति और कार्य के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था की जांच से हादसे की वास्तविक जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
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