बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक की चप्पल से पिटाई करने वाली भाजपा नेत्री के खिलाफ पार्टी संगठन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पद से निष्कासित कर दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर ट्रस्ट, स्थानीय पुलिस और भाजपा संगठन ने अपने-अपने स्तर पर त्वरित कार्रवाई की है। घटना के बाद से दोनों पक्षों की ओर से थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीते 22 अगस्त की है, जब मंदिर के पास पूर्व में हुई चोरी की किसी पुरानी बात को लेकर भाजपा से जुड़े दो पक्ष अचानक आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी गरमागरमी के बीच भाजपा महिला मोर्चा अल्पसंख्यक की महामंत्री रेहाना बेगम ने आवेश में आकर दूसरे पक्ष के एक युवक की चप्पल से जमकर पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
थाने में मामला दर्ज और दो गिरफ्तारियां
वीडियो सामने आने के बाद दोनों पक्षों के लोग रतनपुर थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। यह पूरा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त शिकायत और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर रेहाना बेगम के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडेय ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
मंदिर ट्रस्ट की सख्ती और भाजपा संगठन का एक्शन
घटना के तूल पकड़ने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए धार्मिक स्थल का आपसी सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में चार दुकानदारों को एक हफ्ते के भीतर अपनी दुकानें वहां से हटाने का सख्त निर्देश दिया है।
दूसरी ओर, राजनीतिक किरकिरी से बचने के लिए भारतीय जनता पार्टी के ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल ने रतनपुर अल्पसंख्यक मोर्चा की महामंत्री रेहाना बेगम को जांच अवधि तक के लिए उनके पद से मुक्त कर दिया है। ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने इस संबंध में स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों में हमेशा गंभीर रहता है और तुरंत संज्ञान लेता है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो और जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसलिए जांच पूरी होने तक उन्हें सांगठनिक पद से हटाया गया है।


