पटना: दरभंगा सहित संपूर्ण मिथिला क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और उसकी सांस्कृतिक गरिमा को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से सांसद डॉ. गोपालजी ठाकुर ने पटना स्थित राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तर बिहार की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए ज्ञापन सौंपा।
दरभंगा में पटना हाईकोर्ट की बेंच स्थापना पर जोर
सांसद ने मिथिला एवं कोसी प्रमंडल के नागरिकों के लिए सुलभ न्याय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया:
लाखों वादकारियों को राहत: उत्तर बिहार और कोसी प्रमंडल के करीब आठ करोड़ लोगों को वर्तमान में न्यायिक कार्यों के लिए पटना जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों का अत्यधिक व्यय होता है।
संसाधनों की उपलब्धता: उन्होंने बताया कि दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच के प्रशासनिक व न्यायिक ढांचे हेतु पर्याप्त भूमि उपलब्ध है तथा इस विषय पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भी सकारात्मक वार्ता हो चुकी है।
उच्च शिक्षा के विस्तार और राष्ट्रीय संस्थानों की मांग
क्षेत्र में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने हेतु सांसद ने राज्यपाल के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे:
केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय और ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने की मांग की गई।
राष्ट्रीय स्तर के संस्थान: दरभंगा में आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईएम (IIM) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना का आग्रह किया गया।
पाठ्यक्रम और दूरस्थ शिक्षा: बंद पड़े दूरस्थ शिक्षा केंद्र (Distance Education Center) को पुनः प्रारंभ करने, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (WIT) का संचालन केंद्र द्वारा लेने तथा बेनीपुर व बिरौल कॉलेजों में इंटीग्रेटेड बीएड की पढ़ाई शुरू कराने पर चर्चा हुई।
राज्यपाल ने सांसद द्वारा प्रस्तुत किए गए जनहित एवं शिक्षा से जुड़े सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए इन पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।


