कानपुर: शहर के कल्याणपुर स्थित इंदिरानगर के प्रतिष्ठित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) हत्याकांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मामले की मुख्य साजिशकर्ता और मृतक की बहू शालू को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पाई-पाई का हिसाब मांगने से क्षुब्ध होकर बहू ने अपने पूर्व कर्मचारी को ससुर की हत्या के लिए छह लाख रुपये की सुपारी दी थी। अदालत के आदेश पर आरोपी बहू और दोनों भाड़े के हत्यारों को जेल भेज दिया गया है।
साजिश की पटकथा और हत्यारों की चूक
डीसीपी एसएम कासिम आबिदि के अनुसार, आरोपी बहू शालू ने अपने पूर्व कर्मचारी विशाल को निर्देश दिए थे कि जब विनीत अपने कमरे में सो जाएं, तो तकिये से उनका दम घोंटकर हत्या कर दी जाए ताकि इसे हृदयाघात (हार्ट अटैक) का रूप दिया जा सके। योजना के तहत विशाल और उसका साथी राजकिशोर ऑटोमैटिक लॉक वाले बेडरूम के दरवाजे के पीछे छिप गए, लेकिन दरवाजा पूरी तरह बंद न होने के कारण अंदर की लाइट बाहर दिख रही थी। रात करीब 10:58 बजे जब विनीत मिनोचा फ्लैट में पहुंचे और लाइट बंद करने कमरे में घुसे, तो उनका सामना हत्यारों से हो गया। इस दौरान विशाल ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ 26 से अधिक वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अपार्टमेंट के गार्ड को चकमा देने की कोशिश
पुलिस जांच में पता चला है कि घटना वाले दिन बहू ने अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड से झूठ बोलकर विशाल का नाम 'शुभम' बताया था और कहा था कि वह पार्टी के लिए बुके देने आ रहा है। बुके देने के बहाने दोनों शूटर शाम को ही फ्लैट में दाखिल हो गए थे और सवा घंटे तक वहीं छिपे रहे। इसके ठीक बाद शालू, उसका पति सुब्रत और उनका छह साल का बेटा एक मित्र की पार्टी में चले गए। रात करीब 4:13 बजे जब वे लौटे, तो पिता के कमरे से खून बहता देख पुलिस को सूचना दी गई।
सीसीटीवी फुटेज और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की देखरेख में जांच शुरू की गई। अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूर्व कर्मी विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर 10 मिनट के अंतर पर फ्लैट में घुसते और फिर वारदात के बाद रात 11:30 बजे बाहर निकलते दिखे। पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटरों को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि बहू ने काम पूरा होने पर भारी रकम देने का वादा किया था।
पति की भूमिका संदिग्ध, जांच जारी
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, कत्ल की साजिश में आरोपी बहू शालू के खिलाफ पक्के डिजिटल व भौतिक साक्ष्य मिले हैं। वहीं, मृतक के बेटे सुब्रत की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है कि क्या वह भी इस साजिश का हिस्सा था या बेखबर था। फिलहाल आरोपी बहू शालू, शूटर विशाल और राजकिशोर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि पुलिस बाकी बिंदुओं पर साक्ष्य जुटा रही है।


