पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सीनियर खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम्स इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने अनुशासन और आचरण से जुड़ी आंतरिक जांच के सिलसिले में दोनों खिलाड़ियों से पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान खिलाड़ियों को कई घंटे तक एजेंसी के कार्यालय में रहना पड़ा।
इंग्लैंड दौरा बीच में छोड़कर लौटना पड़ा स्वदेश
हाल ही में लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 194 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अनुशासनहीनता की रिपोर्टों के आधार पर अनुशासनात्मक जांच शुरू की। इस कार्रवाई के तहत मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक समेत कुल सात खिलाड़ियों को इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच से ही टीम से रिलीज कर स्वदेश वापस भेज दिया गया था।
प्रभावित होने वाले अन्य खिलाड़ियों में सलमान आगा, अली उस्मान, आमेर जमाल, आवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं। इससे पहले सीरीज के पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को लीड्स में पारी और 103 रनों से हार मिली थी।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और चोट से जुड़े विवाद
मोहम्मद रिजवान: इंग्लैंड दौरा उनके लिए बल्ले से बेहद निराशाजनक रहा। उन्होंने चार पारियों में क्रमशः 12, 41, 7 और 1 रन बनाए।
इमाम-उल-हक: लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन उनके बाएं पैर की पिंडली में ग्रेड-1 टियर (मांसपेशियों में खिंचाव) की पुष्टि हुई थी, जिसके कारण वे मैच की दोनों पारियों में मैदान पर नहीं उतर सके। हालांकि, मैच के अंतिम दिन उन्होंने अभ्यास करने की कोशिश की थी, जिस पर पीसीबी के मुख्य चयनकर्ता और हाई परफॉर्मेंस निदेशक आकीब जावेद ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते हुए जांच के संकेत दिए थे।
एजेंसी की प्रश्नावली और आगे की कार्रवाई
NCCIA की जांच का दायरा आधिकारिक तौर पर पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कम से कम एक खिलाड़ी को एजेंसी की ओर से एक विस्तृत प्रश्नावली दी गई है, जिसे अगले सप्ताह तक भरकर वापस सौंपना है। पीसीबी और साइबर क्राइम एजेंसी की इस संयुक्त कार्रवाई से पाकिस्तानी क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज हो गई है।


