भाषण प्रतियोगिता में 12 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, गीत-कविताओं से विद्यार्थियों ने हिंदी की समृद्धि और महत्व को किया प्रस्तुत
खैरथल। राजकीय महाविद्यालय खैरथल में हिंदी दिवस तथा दिवेर विजय महोत्सव के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को इतिहास, राष्ट्रभावना और हिंदी भाषा के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
दिवेर विजय पर हुई भाषण प्रतियोगिता
दिवेर विजय महोत्सव के अवसर पर महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में कुल 12 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने दिवेर विजय, महाराणा प्रताप के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा सानिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी कक्षा की छात्रा प्रमजीत द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा नेहा ने तृतीय स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका डॉ. जाकिर हुसैन, श्री राजवीर सिंह मीणा एवं डॉ. सरस्वती मीणा ने निभाई।
महाराणा प्रताप के संघर्ष से विद्यार्थियों को कराया परिचित
कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेश गोठवाल ने विद्यार्थियों को दिवेर विजय के ऐतिहासिक महत्व तथा महाराणा प्रताप के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र के प्रति योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को इतिहास के महत्वपूर्ण प्रसंगों को समझने और उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का विवरण नहीं है, बल्कि उससे वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा भी ली जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. राहुल वर्मा ने किया।
गीत और कविताओं से गूंजा हिंदी दिवस
दिवेर विजय महोत्सव के कार्यक्रम के बाद हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया। इसका संयोजन डॉ. दीपक चंदवानी ने किया। हिंदी दिवस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत, कविताओं और भाषणों के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व, उसकी व्यापकता और समृद्ध साहित्यिक परंपरा को प्रस्तुत किया।
डॉ. दीपक चंदवानी ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के महत्व के साथ उसकी व्यापकता और भारतीय सांस्कृतिक जीवन में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सम्मान और उसके निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास, भाषा और राष्ट्रभावना से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
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