मुंबई। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान के निदेशक 65 वर्षीय संजीव सोनवणे की मौत के मामले में एक कथित पत्र मिलने से सनसनी फैल गई है। अंग्रेजी में लिखे इस पत्र में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराने और कोई जांच न करने की बात कही है। पत्र के अंत में लिखे वाक्य 'आई एम ए गुड फूल' (I am a good fool) ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कथित पत्र ने बढ़ाए सवाल, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस को मिले पत्र में संजीव सोनवणे ने लिखा कि वह अपनी इच्छा से यह कदम उठा रहे हैं और इसके लिए कोई अन्य जिम्मेदार नहीं है। पत्र के अंत में 'मैं अच्छा मूर्ख हूं!' लिखने के पीछे उनका क्या संदर्भ था, पुलिस इसकी गहनता से पड़ताल कर रही है। लातूर एसपी अमोल तांबे के मुताबिक पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है।
घर में गोली लगने से हुई मौत
घटना 14 सितंबर की देर रात लातूर के पद्मनागर स्थित उनके आवास पर हुई, जहां गोली लगने से उनकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह मामला सामने आने पर इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो महीनों से घर में अकेले रह रहे थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटा अमेरिका में थे।
शिक्षा जगत में बनाई थी खास पहचान
संजीव सोनवणे लातूर और परली के शैक्षणिक क्षेत्र में एक चर्चित नाम थे। उन्होंने 'संकल्प कोचिंग क्लासेस' के जरिए बड़ी सफलता हासिल की थी और कई स्कूल-कॉलेजों की स्थापना भी की थी। उनके अचानक निधन से शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।


