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    चार साल बाद क्यों बोले आदित्य ठाकरे? दिशा सालियान मामले में बढ़ी सियासी हलचल

    मुंबई। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में नए सिरे से प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद सियासत और कानूनी लड़ाई तेज़ हो गई है। दिशा के पिता सतीश सालियन ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे के बयानों पर पलटवार करते हुए जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भरोसा जताया है।

    सतीश सालियन का आदित्य ठाकरे पर पलटवार

    आदित्य ठाकरे द्वारा आरोपों को खारिज किए जाने के बाद सतीश सालियन ने अपनी प्रतिक्रिया दी:

    • 'चार साल से ले रहा हूं नाम': सतीश सालियन ने कहा, "मैं पिछले चार सालों से उनका (आदित्य ठाकरे) नाम ले रहा हूं, तब उन्होंने कुछ नहीं कहा। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद ही वह इस मामले पर क्यों बोल रहे हैं?"

    • जांच एजेंसियों पर भरोसा: उन्होंने दावा किया कि अपराध हुआ है और अब पुलिस तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस मामले की तह तक जाकर आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बाद अब उन्हें कोई मानसिक तनाव नहीं है।

    साक्ष्य होने का दावा: फोटो, वीडियो और टावर लोकेशन

    दिशा के पिता ने इस बात का जोर देकर दावा किया कि उनके पास मामले से जुड़े पुख्ता सबूत मौजूद हैं:

    • मोबाइल लोकेशन व डिजिटल साक्ष्य: उन्होंने मोबाइल टावर लोकेशन डेटा, फोटो और वीडियो सहित कई सबूत होने की बात कही।

    • उचित समय पर खुलासा: सतीश सालियन के अनुसार, ये सभी साक्ष्य सही समय आने पर जांच एजेंसियों और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

    ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस और नेताओं से माफी की मांग

    हाल ही में सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता व पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा था:

    • आरोप: नोटिस में कहा गया कि इन नेताओं ने उनकी बेटी की मौत से जुड़े न्याय के प्रयास को राजनीति से प्रेरित बताने की कोशिश की।

    • मांग: सतीश सालियन ने दोनों नेताओं से बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और ₹500 करोड़ का हर्जाना देने की मांग की है।

    आदित्य ठाकरे का आरोपों से इनकार

    सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद आदित्य ठाकरे ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे दिशा सालियन से कभी नहीं मिले और न ही उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक और व्यक्तिगत विद्वेष से प्रेरित बताया।

    उल्लेखनीय है कि 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक बहुमंजिला इमारत से गिरकर दिशा सालियन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत का निधन हुआ था। सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।

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