मुंबई। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे अपने सख्त रेगुलेटरी एक्शन के चलते चर्चा में हैं। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मुंडे ने एक टीवी इंटरव्यू में खुलासा किया कि इन तीनों एक्टर्स को इलायची के विज्ञापन के सिलसिले में 'शो कॉज' नोटिस भेजा गया था, क्योंकि यह विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित उत्पाद 'विमल पान मसाला' का अप्रत्यक्ष प्रचार (सरोगेट एडवर्टाइजमेंट) माना जा रहा है।
तुकाराम मुंडे का कड़ा रुख और कानूनी तर्क
मुंडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही वे जनता के लिए स्टार हों, लेकिन एक रेगुलेटर के रूप में उनके लिए वे केवल कानून तोड़ने वाले हैं और कानून अपना काम करेगा।
जवाब और कार्रवाई: FDA द्वारा दिए गए 15 दिन के समय में तीन में से दो एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दिया, जबकि एक ने कोई जवाब नहीं दिया। जिस अभिनेता की तरफ से जवाब नहीं आया, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिम्मेदारी का सवाल: एक्टर्स के इस तर्क को मुंडे ने सिरे से खारिज कर दिया कि प्रचार करने वाले की कोई जिम्मेदारी नहीं होती और सारी जवाबदेही उत्पाद बनाने वाली कंपनी की है।
कानूनी प्रावधान: 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2018' का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कानून के तहत विज्ञापन करने वाले व्यक्ति और संस्था की भी स्पष्ट जिम्मेदारी तय होती है कि वे जिस चीज का प्रचार कर रहे हैं, उसके प्रति पूरी सावधानी बरतें।
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
इस बीच, 14 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने विमल इलायची के मास्टर लाइसेंस होल्डर 'PB Agro LLP' की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें अभिनेताओं को भेजे गए नोटिस को रद्द करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि चूंकि नोटिस मुंबई में FDA द्वारा जारी किए गए थे, इसलिए यह मामला दिल्ली के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसे चुनौती देने के लिए महाराष्ट्र की अदालतें ही सही मंच हैं।


