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    सभापति चुनाव से पहले खैरथल में सियासी घमासान, व्यापारियों का बंद

    पार्षदों के कथित अपहरण के मामलों से गरमाई सियासत, कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद; 21 सितंबर को सभापति चुनाव पर टिकी निगाहें

    विशेष रिपोर्ट | मनीष मिश्रा, खैरथल। नगर परिषद के सभापति चुनाव से पहले खैरथल की सियासत में घमासान तेज हो गया है। 45 वार्डों के चुनाव परिणाम के बाद अब सभापति की कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला दिखाई दे रहा है। इसी बीच पार्षदों को अपने-अपने खेमे में साधने की कवायद, कथित अपहरण के मामलों और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। विरोध में शनिवार को शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारियों ने बंद रखा।

    14 सितंबर को घोषित चुनाव परिणाम में कांग्रेस को 20, भाजपा को 8 और निर्दलीयों को 17 सीटें मिली थीं। बहुमत का आंकड़ा 23 है। परिणाम के बाद कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे विक्रम सिंह चौधरी के भाजपा में शामिल होने और उनके साथ पार्षदों के पाला बदलने से सभापति चुनाव का गणित तेजी से बदला है। विक्रम चौधरी ने भाजपा की ओर से सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।

    वहीं कांग्रेस की ओर से ओमप्रकाश रोघा को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया गया है। ऐसे में अब 21 सितंबर को होने वाले चुनाव पर पूरे शहर की निगाहें टिकी हैं।

    पार्षदों के कथित अपहरण से बढ़ा विवाद

    सभापति चुनाव की सरगर्मी के बीच कुछ निर्वाचित पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर थाने में शिकायत और एफआईआर सामने आने से विवाद गहरा गया है। वार्ड नंबर 3 से निर्वाचित कांग्रेस पार्षद रामधन के मामले में परिजनों की ओर से कांग्रेस सभापति प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है।

    इसी तरह एक अन्य मामले में भी पार्षद को जबरन वाहन में ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। इन घटनाओं के बाद दोनों राजनीतिक खेमों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

    कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने रखा बंद

    पार्षदों से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई और व्यापारियों के नाम सामने आने के विरोध में व्यापारिक संगठनों में नाराजगी दिखाई दी। शनिवार को व्यापारियों के आह्वान पर खैरथल के कई प्रमुख बाजार बंद रहे।

    अनाज मंडी, सब्जी मंडी, किराना यूनियन, कन्फेक्शनरी, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन यूनियन, चूड़ी मार्केट, तिरंगा मार्केट और 40 फुटा रोड सहित कई बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

    व्यापारियों का कहना है कि चुनावी माहौल में व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का दबाव या कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि राजनीतिक विवाद के बीच व्यापारियों को अनावश्यक रूप से कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है।

    अनाज मंडी की मॉक ड्रिल भी बनी चर्चा का विषय

    शुक्रवार को खैरथल अनाज मंडी परिसर में हुई मॉक ड्रिल को लेकर भी व्यापारियों और किसानों के बीच चर्चा रही। व्यापारियों का सवाल था कि सभापति चुनाव से ठीक पहले मंडी परिसर में मॉक ड्रिल आयोजित करने की जरूरत क्यों पड़ी। उनका कहना था कि इससे मंडी में आने वाले व्यापारियों और किसानों में अनावश्यक आशंका का माहौल बना।
    शनिवार को बाजार बंद के दौरान अनाज मंडी परिसर में पुलिस वाहन की गश्त भी नजर आई।

    21 सितंबर को होगा फैसला

    खैरथल नगर परिषद में सभापति का चुनाव 21 सितंबर को होना है। 45 सदस्यीय परिषद में बहुमत के लिए 23 पार्षदों की आवश्यकता है। चुनाव परिणाम के बाद जहां कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई थी, वहीं 17 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई। बाद के राजनीतिक घटनाक्रम और दल-बदल से समीकरण बदल गए हैं।

    अब सभापति चुनाव से पहले सामने आए आरोप, व्यापारियों का बंद और पार्षदों को लेकर चल रही राजनीतिक कवायद ने खैरथल की सियासत को प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना दिया है। 21 सितंबर को सभापति की कुर्सी किस खेमे के पास जाती है, इसका फैसला परिषद की बैठक में होगा।

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