सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले अंतर्गत चंद्रपुर तहसील के एक शासकीय विद्यालय में पदस्थ शिक्षक कैलाश पटेल की कार्यशैली एवं आचरण को लेकर ग्रामीणों तथा पालकों ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। प्रेषित शिकायत पत्र में शिक्षक पर अध्यापन कार्य में घोर लापरवाही बरतने, शालेय अवधि के दौरान अत्यधिक मोबाइल प्रयोग करने तथा विद्यार्थियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। इसी क्रम में, विद्यालय की एक छात्रा ने शिक्षक पर उत्तर पुस्तिका जांच कराने के दौरान कथित रूप से अनुचित स्पर्श (गलत तरीके से छूने) का अति-संवेदनशील आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष प्रशासनिक जांच और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अध्यापन में लापरवाही और मोबाइल में व्यस्त रहने का आरोप
पालकों एवं ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक कैलाश पटेल कक्षा में बच्चों की पढ़ाई पर कोई ध्यान नहीं देते और अपना अधिकांश समय मोबाइल फोन पर व्यतीत करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शिक्षक के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शिकायत में विद्यालय में कार्यरत महिला स्वीपर के साथ भी शिक्षक के कथित अनुचित व्यवहार पर आपत्ति प्रकट की गई है और संपूर्ण मामले की उच्चस्तरीय जांच का आग्रह किया गया है।
छात्रा ने लगाया अनुचित स्पर्श का गंभीर आरोप
मामले में एक छात्रा ने भी सामने आकर शिक्षक के आचरण पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। पीड़ित छात्रा के अनुसार, जब वह कॉपी चेक कराने हेतु शिक्षक के पास जाती है, तो उसके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया जाता है। छात्रा द्वारा व्यक्त किए गए इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की आवश्यकता रेखांकित की जा रही है। यद्यपि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक एवं स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।
विद्यार्थियों को डांटने और पढ़ाने से मना करने का दावा
विद्यालयी सूत्रों एवं ग्रामीणों के अनुसार, जब बच्चे शिक्षक से अध्यापन कराने का अनुरोध करते हैं, तो उन्हें डांट-पटकार कर चुप करा दिया जाता है। बच्चे अपने परिजनों को बताते हैं कि शिक्षक अक्सर पढ़ाई कराने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं अथवा महिला कर्मचारी के साथ बातचीत में समय व्यतीत करते हैं, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
पूर्व पदस्थापना स्थल पर भी विवादों से नाता रहने का दावा
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में शिक्षक की पूर्व पदस्थापना का भी विशेष उल्लेख किया है। उनका दावा है कि कैलाश पटेल जिस पूर्व विद्यालय में कार्यरत थे, वहां भी उनके आचरण व व्यवहार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके पश्चात ही उनका स्थानांतरण इस विद्यालय में किया गया था।
कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने जिला कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी से अपील की है कि सभी संबंधित पक्षों, विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों के बयान दर्ज कर मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए। पालकों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांचोपरांत आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं, तो दोषी शिक्षक के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


