भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर फ्रॉड में प्रयुक्त होने वाले फर्जी सिम कार्ड की सप्लाई चेन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए ऑपरेशन FAST 2.0 (Forged–Activated–SIM–Termination) चलाया जा रहा है। ऑपरेशन के तहत तकनीकी विश्लेषण एवं साइबर अपराधों से जुड़े डेटा के आधार पर संदिग्ध सिम और उनके पीछे सक्रिय नेटवर्क तक पहुंच बनाई जा रही है। माह में अब तक ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत फर्जी दस्तावेजों, आधार कार्ड, फोटो एवं बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर सिम कार्ड जारी/एक्टिवेट कराने वाले व्यक्तियों, POS एजेंटों एवं ऐसे सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है।
ग्वालियर
ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत ग्वालियर पुलिस ने फर्जी सिम जारी करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 09 प्रकरण दर्ज किए हैं। जांच में सामने आया कि आधार, फोटो एवं फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी किए गए, जिनका उपयोग विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में किया गया। संबंधित मामलों में करीब ₹12.20 करोड़ के साइबर फ्रॉड से संबंध सामने आया है।
इंदौर
इंदौर पुलिस ने फर्जी सिम के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा करते हुए 151 संदिग्ध सिम की पहचान की, जिनका उपयोग 212 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों में पाया गया। जांच में जींस-पैंट की थोक बिक्री/फ्रेंचाइजी का झांसा देकर ठगी तथा पैसों के लालच में सिम आगे उपलब्ध कराने की कड़ी सामने आई। मामले में 01 आरोपी गिरफ्तार किया गया।
राज्य साइबर सेल इंदौर
राज्य साइबर सेल, जोन इंदौर ने ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसने अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड पर स्वयं के फोटो का उपयोग कर 101 सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी POS एजेंट के रूप में सिम एक्टिवेशन का कार्य करता था और ग्राहकों के KYC दस्तावेजों का दुरुपयोग कर लाइव फोटो के स्थान पर स्वयं तथा अन्य व्यक्तियों के फोटो अपलोड कर सिम जारी करता था। आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
छतरपुर
छतरपुर के थाना गढ़ीमलहरा पुलिस ने ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी सिम एक्टिवेट कर साइबर अपराधों में उपयोग हेतु उपलब्ध कराने वाले आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराने का खुलासा हुआ।
सतना
सतना पुलिस ने ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत अवैध SIM पोर्टिंग एवं साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में 20 से अधिक अवैध सिम की सप्लाई का खुलासा हुआ। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेजा गया।
टीकमगढ़
टीकमगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड एवं साइबर अपराधों के लिए सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत की गई।
कटनी
कटनी पुलिस ने ऑपरेशन FAST 2.0 के तहत फर्जी तरीके से सिम जारी कर साइबर अपराधों में उपयोग कराने वाले POS एजेंट के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 01 आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी द्वारा दो व्यक्तियों के नाम पर फर्जी तरीके से सिम जारी कर उन्हें अन्य व्यक्तियों को बेचने का खुलासा हुआ। आरोपी के कब्जे से 98 मोबाइल सिम, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन एवं 03 मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। वहीं थाना कुठला पुलिस ने भी आधार कार्ड एवं फिंगरप्रिंट का दुरुपयोग कर फर्जी सिम जारी कर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
झाबुआ
झाबुआ पुलिस ने फर्जी दस्तावेज एवं बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर सिम एक्टिवेट करने वाले 03 POS संचालकों/एजेंटों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए हैं। कार्रवाई में 01 आरोपी गिरफ्तार किया गया तथा मोबाइल, Airtel LAPU SIM एवं फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए।
KYC एवं बायोमेट्रिक के दुरुपयोग पर पुलिस की सख्त नजर
ऑपरेशन FAST 2.0 के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है, जो आम नागरिकों के पहचान दस्तावेजों एवं बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी सिम तैयार कराते हैं और उन्हें साइबर अपराधों के लिए उपलब्ध कराते हैं। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से फर्जी सिम के उपयोग एवं उनसे जुड़े साइबर अपराधों की कड़ियों की जांच की जा रही है।
मध्यप्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सिम जारी कराते समय e-KYC एवं बायोमेट्रिक प्रक्रिया में सावधानी बरतें, OTP/वेरिफिकेशन की पुष्टि स्वयं करें, अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की समय-समय पर जांच करें तथा अपनी पहचान संबंधी जानकारी अथवा दस्तावेज अनधिकृत व्यक्ति को न दें। अपनी पहचान पर किसी अन्य व्यक्ति को सिम जारी न कराएं।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ऑपरेशन FAST 2.0 के अंतर्गत फर्जी सिम की पहचान, उनके स्रोत तक पहुंच और साइबर अपराधों में इनके उपयोग से जुड़े नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है।


