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    ‘शिकायतों पर सुनवाई नहीं’, जमीन विवाद में विधायक ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए

    बीजापुर/भोपालपट्टनम। जिले के भोपालपट्टनम और भैरमगढ़ नगर पंचायतों में आगामी नगरीय निकाय चुनावों की आहट के बीच राजनीतिक पारा चढ़ गया है। क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने भोपालपट्टनम में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से विपक्षी कांग्रेस नेताओं पर राजनीतिक दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि बेदखली के नाम पर नोटिस जारी कर प्रशासनिक तंत्र को चुनावी हथियार की तरह प्रयोग किया जा रहा है।

    प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग और डराने का आरोप

    प्रेस वार्ता में विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि यह संपूर्ण घटनाक्रम सत्तारूढ़ दल के नेताओं की शह पर संचालित हो रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नोटिस थमाकर डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आगामी नगर पंचायत चुनावों का माहौल प्रभावित किया जा सके और सत्तापक्ष को इसका सीधा चुनावी लाभ प्राप्त हो सके।

    भूमि अतिक्रमण की शिकायतों पर दोहरे रवैये का प्रश्न

    विधायक ने तथ्य सामने रखते हुए कहा कि भोपालपट्टनम में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नीलम गनपत, आदेश्वर पब्लिक स्कूल के संचालक उमेश गुज्जा, भाजपा नेता गिरिजा शंकर तामड़ी, लंकल रामचंद्रम तथा मंडल अध्यक्ष नरसिंह रेड्डी के विरुद्ध अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों में कई एकड़ भूमि पर कथित कब्जे की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन शिकायतों पर राजस्व एवं वन विभाग अब तक मौन क्यों हैं और जांच की अद्यतन स्थिति क्या है।

    न्यायालय में विचाराधीन मामले में नोटिस पर आपत्ति

    विक्रम मंडावी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बसंतराव ताटी को लगभग 50 वर्ष पूर्व शासन द्वारा विधिवत पट्टा आवंटित किया गया था और वर्तमान में उनका प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाना प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बड़े कब्जों की शिकायतों पर निष्क्रियता और दूसरी तरफ विचाराधीन मामले में अति-सक्रियता स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण रवैये को दर्शाती है।

    'चुनाव पूर्व निशाना बनाना सोची-समझी रणनीति'

    विधायक ने कहा कि निकाय चुनावों से ठीक पूर्व विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, किंतु प्रशासनिक अधिकारियों को किसी राजनीतिक दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने से बचना चाहिए।

    विधायक एवं कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें

    विधायक विक्रम मंडावी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:

    • निष्पक्ष जांच: भोपालपट्टनम में भूमि कब्जे संबंधी पूर्व शिकायतों की तत्काल और समयबद्ध निष्पक्ष जांच कराई जाए।

    • दबाव की कार्रवाई पर रोक: न्यायालय में लंबित प्रकरणों में अनावश्यक नोटिस जारी करने तथा दबाव बनाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए।

    • निष्पक्ष चुनाव: नगरीय निकाय चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराए जाएं।

    • प्रशासनिक तटस्थता: अधिकारियों को किसी राजनीतिक दल के इशारे पर कार्य करने से पूरी तरह नियंत्रित किया जाए।

    उग्र आंदोलन की चेतावनी और ज्ञापन प्रेषण

    विधायक ने सचेत किया कि यदि प्रशासनिक उत्पीड़न और पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में भूमि पर कब्जों का सिलसिला नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा। प्रेस वार्ता के उपरांत कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) भोपालपट्टनम को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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