मुंबई। आईआईटी बॉम्बे कैंपस में छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके पिता रवींद्र वाकोडे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में नामजद संस्थान के अधिकारियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे बुधवार से भूख हड़ताल शुरू करेंगे। मुंबई पहुंचने के बाद उन्होंने शहर की क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की।
माता-पिता से हुई थी आखिरी मुलाकात
साहिल के माता-पिता ने अपनी मौत से महज पांच दिन पहले यानी 13 सितंबर को उससे मुलाकात की थी। वे यवतमाल स्थित अपने घर लौटने से पहले आईआईटी बॉम्बे कैंपस में उसके साथ पूरा दिन बिताकर आए थे। इस अचानक हुई घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
आईआईटी बॉम्बे द्वारा 10 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन
छात्र के पिता द्वारा भूख हड़ताल की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने साहिल की मौत के हालातों की जांच के लिए 10 सदस्यों की एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। साथ ही, संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर जाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने छात्रों की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया है, हालांकि अधिकारियों के इस्तीफे की मांग को फिलहाल नहीं माना गया है। जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच कमेटी में शामिल प्रमुख सदस्य
इस उच्च स्तरीय जांच समिति की कमान आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रोफेसर रमेश वेंकटेश्वरन को सौंपी गई है। इसके अलावा कमेटी में आईआईटी बॉम्बे के निम्नलिखित फैकल्टी सदस्य शामिल हैं:
प्रोफेसर के. नारायणन (स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज)
प्रोफेसर संदीप कुमार साहा (मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग एवं संस्थान के एससी/एसटी छात्र और स्टाफ सेल के कन्वीनर)
प्रोफेसर दीप्ति कल्सी (असिस्टेंट प्रोफेसर, केमिस्ट्री विभाग)


