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    प्रमाणपत्रों के लिए घंटों कतार में खड़े रहे ग्रामीण, जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी

    रांची (कांके)। रांची से सटे कांके प्रखंड कार्यालय में इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े कार्यों के साथ-साथ जाति, आवासीय एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रातकाल से ही दूर-दराज की पंचायतों से बड़ी संख्या में लोग अपने दस्तावेजों के सत्यापन तथा अन्य आवश्यक कार्यों हेतु प्रखंड परिसर पहुंच रहे हैं। मौसम खराब होने और वर्षा के बावजूद ग्रामीण घंटों कतारों में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करने को विवश हैं। इसी बीच, ग्रामीणों ने प्रखंड के जनप्रतिनिधियों, विशेषकर उपप्रमुख अजय बैठा की कथित रूप से कार्यस्थल से नियमित अनुपस्थिति पर तीव्र असंतोष व्यक्त करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।

    एसआईआर नोटिस और दस्तावेजों के सत्यापन की अनिवार्यता

    क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि एसआईआर नोटिस के प्रत्युत्तर की प्रक्रिया को पूर्ण करने हेतु पारिवारिक विवरण, वंशावली तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का सत्यापन अनिवार्य हो गया है। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश (नामांकन) एवं अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ हेतु जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्रों की मांग बढ़ गई है। एक साथ कई कार्यों के लिए लोगों के उमड़ने के कारण कार्यालय में अत्यधिक भीड़ भाड़ है, जिससे आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत उन्हें कागजी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए बार-बार प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद अधिकारी-कर्मचारी स्तर पर त्वरित समाधान न मिलने से जनसामान्य की समस्याएं और अधिक बढ़ गई हैं।

    कार्यालय संचालन और जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर सवाल

    स्थानीय निवासियों ने प्रखंड प्रमुख एवं उपप्रमुख अजय बैठा की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए आरोप लगाया है कि कार्यालय के नियमित रूप से खुलने के बावजूद जनप्रतिनिधियों का अधिकांश समय अनुपस्थित रहना चिंता का विषय है। आमजन अपनी समस्याओं के निवारण हेतु जब कार्यालय पहुंचते हैं, तो जनप्रतनिधियों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।

    ग्रामीणों का यह तर्क है कि एसआईआर जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया के इस दौर में जनप्रतिनिधियों का सक्रिय रूप से उपस्थित रहना अत्यंत आवश्यक है। उनकी उपस्थिति से न केवल आम जनता का मार्गदर्शन सुगम होता है, बल्कि जनता की समस्याएं उचित माध्यम से संबंधित उच्च अधिकारियों तक त्वरित गति से पहुंचाई जा सकती हैं।

    ग्रामीणों की समस्याएं और भुक्तभोगियों के संस्मरण

    पिठोरिया निवासी रामेश्वर महतो ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे एसआईआर नोटिस से जुड़ी प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए पिछले चार दिनों से निरंतर प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, किंतु कागजी प्रक्रिया की जटिलता के कारण कार्य विलंबित हो रहा है।

    इसी प्रकार कदमा की निवासी संगीता देवी ने जानकारी दी कि उनके बच्चे के विद्यालयीन प्रवेश के लिए जाति और निवास प्रमाण पत्र अति आवश्यक है, किंतु कार्यालय में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, कोल्हेया कनादू निवासी सुरेश उरांव तथा सुकुरहुट्टू के अमित कुमार ने भी जनप्रतिनिधियों से अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित रहने की पुरजोर मांग की है।

    उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की चेतावनी

    क्षेत्रीय नागरिकों एवं कुछ पंचायत समिति सदस्यों ने यह चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में यथाशीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो इस विषय की लिखित शिकायत रांची के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) तथा स्थानीय विधायक के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि यदि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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