More
    Homeदुनियानेपाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी, बाढ़ के खतरे को देखते...

    नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी, बाढ़ के खतरे को देखते हुए कई हाईवे बंद

    काठमांडू। नेपाल में एक बार फिर मौसम ने राहत कार्यों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पिछले दिनों भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे क्षेत्रों में मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।

    भारी बारिश और बाढ़ का नया खतरा

    नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार से रविवार के बीच देश के तमाम इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। खासकर गंडकी और लुंबिनी प्रांतों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने के आसार हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण लगातार नदियों के जलस्तर और संभावित खतरों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का मानना है कि इस बार की बारिश भले ही 26 अगस्त जैसी भीषण बाढ़ का रूप न ले, लेकिन इसके चलते भूस्खलन और मलबे का बहाव फिर से तबाही मचा सकता है।

    क्षतिग्रस्त इलाकों में बढ़ा भूस्खलन का संकट

    अगस्त महीने की आपदा में जिन क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और सड़कें बुरी तरह तबाह हो गए थे, वहां अब ताजा बारिश के कारण खतरा सबसे ज्यादा है। प्रभावित जिलों में नए सिरे से भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।

    • धाड़िंग जिला: यहां लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से प्रमुख पृथ्वी राजमार्ग सात अलग-अलग स्थानों पर प्रभावित हुआ है। पुलिस के अनुसार, कृष्णभीर और तिग्रांग खोला में सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो चुका है, जबकि अन्य पांच जगहों पर यातायात को केवल एक लेन तक सीमित कर दिया गया है। लगातार गिरते मलबे के कारण राहत और सफाई कार्य में भी भारी बाधा आ रही है।

    • चितवन जिला: पड़ोसी चितवन जिले में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। भूस्खलन और आगे संभावित खतरों को देखते हुए पृथ्वी राजमार्ग और नारायणगढ़-मुगलिन सड़क मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है।

    प्रशासन और सरकार की अपील

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और भारी बारिश के दौरान नदियों तथा जलधाराओं के संवेदनशील किनारों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख राजमार्गों पर भी आवाजाही को लेकर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here