बारपेटा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सीमा पार आतंकी साजिश मामले के तहत मंगलवार को असम, पश्चिम बंगाल और केरल में कुल 16 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश' (जेएमबी) के एक गुट 'इमाम महमुदर काफिला' (आईएमके) से जुड़े मामलों के सिलसिले में की गई है।
तीन राज्यों में एनआईए की बड़ी छापेमारी
अधिकारियों के अनुसार, एनआईए ने असम में 10, पश्चिम बंगाल में 5 और केरल में 1 ठिकाने पर एक साथ छापामारी की। यह बड़ी कार्रवाई आईएमके की कथित आतंकी साजिश के मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए जाने के लगभग तीन महीने बाद अंजाम दी गई है। जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल, असम व त्रिपुरा में संगठन की विचारधारा फैलाने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।
असम के बारपेटा से छह संदिग्ध गिरफ्तार
इस देशव्यापी कार्रवाई के तहत असम के बारपेटा जिले से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एनआईए ने सोरभोग, बारपेटा रोड और हाउली थाना क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाकर सोरभोग से तीन, बारपेटा रोड से दो और हाउली से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फारूक अब्दुल्ला, जाकिर हुसैन, चांदबार अली, मुस्तफिजुर रहमान, याकूब अली और रकीबुल इस्लाम के रूप में हुई है।
आतंकी नेटवर्क के विस्तार की साजिश का पर्दाफाश
आतंकवाद रोधी एजेंसी की शुरुआती जांच से यह बात सामने आई है कि जेएमबी के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारतीय धरती पर प्रतिबंधित संगठन के चरमपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ही 'इमाम महमुदर काफिला' (आईएमके) की स्थापना की थी। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।


