More
    Homeराज्ययूपीकाशी में विकास की नई तस्वीर! क्रिकेट स्टेडियम और रोपवे लोकार्पण की...

    काशी में विकास की नई तस्वीर! क्रिकेट स्टेडियम और रोपवे लोकार्पण की तैयारी तेज

    वाराणसी|आध्यात्मिक नगरी वाराणसी (काशी) को आगामी माह अक्तूबर में दो अत्यंत महत्वपूर्ण और विशाल विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिलने की पूरी संभावना है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान गंजारी में तेजी से निर्मित हो रहे भव्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया के मध्य देश के पहले और दुनिया के तीसरे अत्याधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट 'रोपवे' परियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं। हाल ही में सितंबर माह के अंत तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना की भौतिक प्रगति 94.35 प्रतिशत आंकी गई है, और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों को पूरी तरह परख लिया है।

    25 अक्तूबर को प्रस्तावित दौरा और विकास कार्यों का लोकार्पण

    प्राप्त संभावित प्रशासनिक कार्यक्रमों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 अक्तूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान उनके वायु सेना के एयर शो में सम्मिलित होने तथा काशी की कई प्रमुख एवं आधुनिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करने का कार्यक्रम है। इन बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं में बहुचर्चित पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। कैंट से गोदौलिया के बीच बनाए जा रहे इस रोपवे का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। इसके तहत कैंट, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन का निर्माण लगभग पूरी तरह से संपन्न हो चुका है।

    रोपवे परियोजना की विशेषताएँ और आवागमन में सुगमता

    वर्तमान में अंतिम पड़ाव के रूप में 'गोदौलिया स्टेशन' पर फिनिशिंग और अन्य जरूरी अंतिम चरण के कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं। लगभग 3.75 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक रोपवे मार्ग में कुल पाँच स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इस परियोजना के शुरू हो जाने से शहरवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को मुख्य कैंट रेलवे स्टेशन से सीधे गोदौलिया तक आना-जाना बेहद सुगम और आरामदायक हो जाएगा, जिससे शहर के भारी यातायात (ट्रैफिक जाम) से भी बड़ी राहत मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक जन-परिवहन परियोजना की आधारशिला वर्ष 2023 में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही रखी थी, जिसका कार्य अब अपने मूर्त रूप में आ चुका है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here